धावाडीह में मुहर्रम जुलूस का भव्य आयोजन: पंचायत समिति सदस्य प्रत्याशी महेश यादव समेत सैकड़ों लोग शामिल
धावाडीह में मुहर्रम जुलूस का भव्य आयोजन: पंचायत समिति सदस्य प्रत्याशी महेश यादव समेत सैकड़ों लोग शामिल
धावाडीह (विशेष संवाददाता): पावन महीने मुहर्रम के अवसर पर धावाडीह पंचायत क्षेत्र में भव्य जुलूस का आयोजन किया गया। इस धार्मिक जुलूस में पंचायत समिति सदस्य प्रत्याशी महेश यादव जी, मरगूब इकबाल अंसारी, अहमद, युवा कपड़ा व्यवसायी शमशाद अंसारी, हसीब अंसारी, सर्वर अंसारी सहित सैकड़ों स्थानीय नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। जुलूस में शांति, भाईचारे और सद्भाव का संदेश पूरे क्षेत्र में गूंजता रहा।
मुहर्रम का यह जुलूस धावाडीह पंचायत के मुख्य मार्गों से होते हुए निकाला गया। दोपहर बाद शुरू हुए इस जुलूस में ताजिया, अलम और झंडे की शानदार झांकियां शामिल थीं। जुलूस के दौरान रास्ते भर में नजरें और मातम की धुन गूंजती रही। स्थानीय युवाओं ने संगठित रूप से व्यवस्था संभाली, जिससे पूरा कार्यक्रम बिना किसी अप्रिय घटना के सम्पन्न हुआ।
पंचायत समिति सदस्य प्रत्याशी महेश यादव जी ने जुलूस में शामिल होकर समुदाय के साथ एकजुटता का प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा, “मुहर्रम सिर्फ एक धार्मिक त्योहार नहीं, बल्कि शोक, धैर्य और न्याय के संदेश का प्रतीक है। सभी धर्मों के लोग एक-दूसरे के त्योहार में सम्मिलित हों, यही हमारी सांस्कृतिक मजबूती है। धावाडीह पंचायत को विकास के पथ पर ले जाने के लिए मैं हर वर्ग के साथ खड़ा हूं।” महेश यादव जी की इस भागीदारी से स्थानीय लोग काफी उत्साहित नजर आए।
जुलूस में प्रमुख रूप से शामिल मरगूब इकबाल अंसारी ने आयोजन की सफलता पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि मुहर्रम का यह जुलूस हर वर्ष की भांति शांतिपूर्ण ढंग से निकाला गया। युवा कपड़ा व्यवसायी शमशाद अंसारी ने बताया, “हमारा व्यवसाय समुदाय से जुड़ा है और हम हमेशा सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देते हैं। आज का जुलूस इसी भावना का प्रतीक है।” हसीब अंसारी और सर्वर अंसारी सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भी जुलूस की व्यवस्था में सक्रिय भूमिका निभाई।
जुलूस के दौरान सड़कों पर पानी के छींटे, शरबत और फल वितरित किए गए। महिलाओं और बच्चों की बड़ी संख्या में उपस्थिति ने पूरे माहौल को और भी पावन बना दिया। स्थानीय प्रशासन की ओर से भी पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की गई थी, जिसके चलते कोई अप्रिय घटना घटित नहीं हुई।
मुहर्रम का महत्व
मुहर्रम इस्लामिक कैलेंडर का पहला महीना है, जिसमें इमाम हुसैन (र.अ.) की शहादत को याद किया जाता है। यह शोक और मातम का महीना माना जाता है, लेकिन साथ ही यह सब्र, त्याग और सत्य के मार्ग पर चलने का संदेश भी देता है। धावाडीह जैसे ग्रामीण क्षेत्रों में मुहर्रम का जुलूस सदियों पुरानी परंपरा का हिस्सा है, जिसमें हिंदू-मुस्लिम भाईचारे का अद्भुत उदाहरण देखने को मिलता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस बार जुलूस में पिछले वर्षों की अपेक्षा अधिक भीड़ उमड़ी। कई दूर-दराज के गांवों से भी लोग इस पावन अवसर में शामिल होने आए थे। जुलूस समाप्त होने के बाद रात में मजलिस का आयोजन किया गया, जिसमें इमाम हुसैन (र.अ.) की शहादत पर विस्तृत चर्चा हुई।
सामाजिक सद्भाव का संदेश
इस आयोजन में विभिन्न समुदायों के लोगों की उपस्थिति ने एक बार फिर साबित कर दिया कि धावाडीह क्षेत्र में साम्प्रदायिक सद्भाव पूर्ण रूप से कायम है। महेश यादव जी जैसी युवा पीढ़ी के नेतृत्वकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी से युवाओं में भी सकारात्मक संदेश गया है।
आयोजकों ने सभी सहयोगियों, स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा बलों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने आगामी दिनों में मुहर्रम से जुड़ी अन्य धार्मिक गतिविधियों को भी शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न करने का संकल्प लिया।
यह जुलूस न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि स्थानीय राजनीतिक और सामाजिक जीवन में भी एकजुटता का प्रतीक साबित हुआ। धावाडीह पंचायत समिति चुनाव को देखते हुए महेश यादव जी की इस सक्रियता को काफी सकारात्मक नजरिए से देखा जा रहा है।

