रामनवमी–मोहर्रम मिलन प्रथा खत्म करने की बात बोले अविनाश राजा
भविष्य मे कभी भी रामनवमी अध्यक्ष पद पर आऊंगा तो मोहर्रम – रामनवमी मिलन कू प्रथा खत्म क़र दूंगा : अविनाश राजा अंतर्राष्ट्रीय हिंदू परिषद ज़िला अध्यक्ष | Advocate
पलामू : पलामू के डालटनगंज शहर मे दसको से रामनवमी – मुहर्रम पर दोनों कमिटी एक दूसरे को सम्मानित करते दीखते है, पर ये दिखने मे जितना अच्छा लगता उतना ही घातक है, हिंदू समाज के लिए, हक्कीकत पर आए तो रामनवमी मे मुहर्रम किया कोई जगह नहीं, और ना मोहर्रम मे रामनवमी कि,
दोनों के के मतलब, प्रम्परा, उदेश्य, मत सब अलग है एक खुशी का है तो दूसरा गम का जिस तरह दिन और रात एक नहीं हो सकती उसी तरह ये दोनों खोखली प्रम्परा एक दुरे की पूरक नहीं हो सकती…
यह समझना है होगा दो पक्ष के बुद्धिजीवो को एक दूसरे को मुर्ख बनाना बंद करें, मुस्लिम समुदाय हिन्दुओं को काफिर मानती है उनके आसमानी किताब के अनुसार, उनके साथ जिहाद ख़तना सिखाती है
ना की उन्ह्र माला पहना क़र धर्म के नाम पर सम्मानित करना,
अतीत मे कमजोर, डरोपक, धूर्त किस के हिंदू जनमानस के लोगो के यह प्रम्परा बना दी जिसका खामियाजा आज की पीढ़ी को मिल रहा रहा है…
रामनवमी कमिटी से कहना चाहूंगा आप जितना भी फूलमाला, पगड़ी पह ना दीजिये होगा आपके साथ जिहाद ही आज या कल…
भाई चारा निभाने का इतना ही शौख है तो जो बिछड़ चुके सनातन से हमारे हिंदू भाई परिवार उनके साथ निभाए, अतीत मे धर्मान्तरण करा चुके हिन्दुओं से क्यों??
ये खोखली कू प्रथा बंद होनी चाहिए ये यह सिर्फ चाटुकारिता करने का नेताओं का प्रम्परा बन क़र रह गया दोनों पक्षो मे..
इसलिए भविष्य ज़ब अध्यक्ष पद के लिए आऊंगा रामनवमी नेतृत्व करने का मौका मिलेगा तो यह व्यवस्था ध्वस्त क़र दूंगा, फिर एक बड़ी नई सनातनी चेतना जिसमे समरसता भरपूर हो उसका उजा गर करूंगा

