विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर बीएलओ एवं सुपरवाइजरों का प्रशिक्षण, उपायुक्त ने दिए जरूरी निर्देश

विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर बीएलओ एवं बीएलओ सुपरवाइजरों को दिया जा रहा प्रशिक्षण

प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल हुए जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त बीएलओ को दिये विभिन्न टिप्स

भारत निर्वाचन आयोग द्वारा संचालित विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) कार्यक्रम के तहत मंगलवार को पलामू जिले के सभी प्रखंड कार्यालयों में बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) एवं बीएलओ सुपरवाइजरों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण का उद्देश्य मतदाता सूची को शुद्ध, अद्यतन एवं त्रुटिरहित बनाना तथा प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में सुनिश्चित करना है।

इसी क्रम में जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने सदर प्रखंड कार्यालय में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लिया तथा प्रशिक्षण की प्रगति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने बीएलओ एवं बीएलओ सुपरवाइजरों से संवाद कर प्रशिक्षण में दी जा रही जानकारियों एवं प्रक्रियाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की।

उपायुक्त ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग का एकमात्र उद्देश्य है कि कोई भी योग्य मतदाता मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित न रहे तथा कोई भी अयोग्य व्यक्ति मतदाता सूची में दर्ज न हो। उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य की प्राप्ति में बीएलओ की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसलिए सभी बीएलओ एवं सुपरवाइजर पूरी गंभीरता, निष्पक्षता एवं जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें।

उन्होंने बताया कि आगामी 30 जून से बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर इन्यूमरेशन फॉर्म का वितरण किया जाएगा। इसके पूर्व सभी बीएलओ को फॉर्म भरने की प्रक्रिया, मतदाताओं से आवश्यक जानकारी प्राप्त करने तथा पूर्व की मतदाता सूची से मतदाताओं की मैपिंग करने संबंधी सभी पहलुओं की पूरी जानकारी होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित बीएलओ घर-घर सत्यापन के दौरान मतदाताओं के बीच फैली किसी भी प्रकार की भ्रामक अथवा गलत जानकारी को प्रभावी ढंग से दूर कर सकेंगे।

उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि जिन मतदाताओं का नाम पूर्व की एसआईआर मतदाता सूची में दर्ज है, उन्हें अतिरिक्त दस्तावेज प्रस्तुत करने की आवश्यकता नहीं होगी। साथ ही पूर्व में दर्ज विवरण उनके पुत्र-पुत्रियों के लिए अभिभावक प्रमाण के रूप में भी मान्य होगा। उन्होंने कहा कि इससे पात्र मतदाताओं को अनावश्यक दस्तावेजी प्रक्रिया से राहत मिलेगी।

प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने मैपिंग प्रक्रिया में विशेष सावधानी बरतने का निर्देश देते हुए कहा कि मतदाताओं द्वारा गलत जानकारी देकर मैपिंग कराने की स्थिति से बचना होगा। ऐसी स्थिति में संबंधित मतदाता विसंगति (एनोमलीज) की श्रेणी में चिन्हित किए जा सकते हैं। इसके बाद उन्हें अनमैप्ड मतदाताओं के समान नोटिस, सुनवाई एवं आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने की प्रक्रिया से गुजरना पड़ सकता है।इस अवसर पर सहायक निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी सह बीडीओ जागो महतो,समेत बड़ी संख्या में
बूथ लेवल ऑफिसर एवं बीएलओ सुपरवाइजर मौजूद रहे।