सलूजा गोल्ड इंटरनेशनल स्कूल में ‘स्कॉलर बैच सेरेमनी’ का आयोजन: शैक्षणिक सत्र 2025-2026 के टॉप 4 विद्यार्थियों को मिला सम्मान

सलूजा गोल्ड इंटरनेशनल स्कूल में ‘स्कॉलर बैच सेरेमनी’ का आयोजन: शैक्षणिक सत्र 2025-2026 के टॉप 4 विद्यार्थियों को मिला सम्मान

सलूजा गोल्ड इंटरनेशनल स्कूल, मोतीलेदा में आज ‘स्कॉलर बैच सेरेमनी’ का भव्य आयोजन किया गया. इस विशेष समारोह में शैक्षणिक सत्र 2025-2026 के दौरान कक्षा पहली से बारहवीं तक असाधारण प्रदर्शन करने वाले शीर्ष चार (Top 4) विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया. कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्रों की कड़ी मेहनत, लगन और शैक्षणिक उत्कृष्टता की सराहना करना था। समारोह की शुरुआत विद्यालय के प्रबंध निर्देशक जोरावर सिंह सलूजा , निर्देशक रमनप्रीत कौर सलूजा , उप प्राचार्य सूरज कुमार लाला सीनियर एडमिनिस्ट्रेटर रूपा मुद्रा ने दीप प्रज्वलित कर की गई। इसके बाद छात्रों द्वारा स्वागत गीत प्रस्तुत किए गए , जिसने उपस्थित जनसमूह का मन मोह लिया। इस वर्ष के ‘स्कॉलर बैच’ सम्मान के लिए चयनित चारों विद्यार्थियों ने अपने-अपने स्तर पर सर्वोच्च अंक और उत्कृष्ट अनुशासन का परिचय दिया था। उन्हें विद्यालय प्रबंधन द्वारा औपचारिक रूप से ‘स्कॉलर बैच’ देकर सम्मानित किया गया। सम्मान पाने वाले छात्रों के चेहरों पर गर्व और खुशी साफ देखी जा सकती थी. इस दौरान पूरा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। इस गौरवपूर्ण अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्या ममता शर्मा ने सभी मेधावी छात्रों और उनके अभिभावकों को बधाई दी. उन्होंने अपने संबोधन में कहा, “यह सम्मान केवल छात्रों की बौद्धिक क्षमता का प्रमाण नहीं है, बल्कि यह उनके निरंतर प्रयास और अनुशासन का परिणाम है। हमारा विद्यालय हर बच्चे की क्षमता को निखारने और उसे वैश्विक नागरिक बनाने के लिए प्रतिबद्ध है.
विद्यालय के प्रबंध निर्देशक जोरावर सिंह सलूजा ने भी छात्रों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। विद्यालय प्रशासन हमेशा से ही छात्रों को एक बेहतर और प्रतिस्पर्धी माहौल प्रदान करने के लिए तत्पर रहा है ताकि वे भविष्य में देश का नाम रोशन कर सकें। कार्यक्रम के अंत में अभिभावकों ने विद्यालय के इस प्रयास की सराहना की और शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस समारोह ने न केवल विजेता छात्रों का मान बढ़ाया बल्कि अन्य विद्यार्थियों को भी आगामी सत्रों में बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा दी।