72 घंटे में मांगें पूरी करें, नहीं तो होगा उग्र आंदोलन: झारखंड छात्र मोर्चा

छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बंद करे विश्वविद्यालय प्रशासन,72 घंटे में मांगें पूरी नहीं हुईं तो उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा झारखंड छात्र मोर्चा, गढ़वा

झारखंड छात्र मोर्चा गढ़वा जिला इकाई ने नीलाम्बर-पीताम्बर विश्वविद्यालय के कुलपति को झारखंड छात्र मोर्च गढ़वा के जिला सचिव विकास चंद्रवंशी के नेतृत्व मे एक विस्तृत मांग पत्र सौंपते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन के हालिया छात्र-विरोधी निर्णयों और लंबे समय से लंबित शैक्षणिक समस्याओं पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। संगठन ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि अगले 72 घंटों के भीतर उनकी जायज मांगों पर सकारात्मक और समयबद्ध कार्रवाई नहीं की गई, तो छात्र हित में एक बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी। ज्ञापन सौंपते हुए छात्र नेताओं ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि शिक्षा ही झारखंड के सामाजिक, आर्थिक और बौद्धिक विकास का मुख्य आधार है, लेकिन वर्तमान में विश्वविद्यालय के ढुलमुल रवैए के कारण हजारों छात्र-छात्राओं का भविष्य अंधकार में लटक गया है। यह लड़ाई सिर्फ छात्रों के अधिकारों की नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के विकास और युवाओं के सुनहरे कल को बचाने की है। जिला कोषाध्यक्ष सूरज कुमार तिवारी ने कहा की चांसलर पोर्टल के माध्यम से होने वाले नामांकन आवेदन शुल्क में की गई बेतहाशा वृद्धि पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। उन्होंने कहा की नामांकन शुल्क में यह बढ़ोतरी पूरी तरह से अनुचित है जो हर वर्ग केआर्थिक रूप से कमजोर और ग्रामीण परिवेश से आने वाले गरीब छात्र-छात्राओं पर एक अतिरिक्त बोझ डाल रही है। हमारी मांग है कि इसे तत्काल वापस लेकर पूर्व निर्धारित पुराना शुल्क ही लागू किया जाए। इसके साथ ही, गढ़वा जिले की छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए दूसरे जिलों या राज्यों में पलायन करने पर विवश न होना पड़े, इसके लिए गढ़वा महिला कॉलेज में शैक्षणिक गतिविधियां और नामांकन की प्रक्रिया अविलंब शुरू की जानी चाहिए।सीटों के संकट पर ध्यान आकर्षित करते हुए उन्होंने आगे कहा कि इस वर्ष अकेले गढ़वा जिले से 13 हजार से अधिक छात्र-छात्राओं ने इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण की है, जबकि विश्वविद्यालय प्रशासन ने मात्र 3100 सीटों पर ही नामांकन की अधिसूचना जारी की है। यह हजारों योग्य युवाओं को उच्च शिक्षा से वंचित करने जैसा है, इसलिए उत्तीर्ण छात्रों के अनुपात में सीटों में पर्याप्त बढ़ोतरी की जाए। वहीं दूसरी ओर ने वोकेशनल कोर्स और लंबित परीक्षा परिणामों के मुद्दे पर विश्वविद्यालय प्रशासन को आड़े हाथों लिया। उन्होंने अपने बयान में कहा,विश्वविद्यालय द्वारा वोकेशनल अंडरग्रेजुएट पाठ्यक्रमों को कॉलेजों से हटाकर इंस्टीट्यूट ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज (आई.पी.एस.) के अंतर्गत संचालित करने का निर्णय पूरी तरह छात्र और कॉलेज विरोधी है। हम इसे तुरंत रद्द करने की मांग करते हैं ताकि पूर्व की भांति इन पाठ्यक्रमों का संचालन संबंधित महाविद्यालयों के अधीन ही हो सके। इसके अलावा, तकनीकी एवं रोजगारपरक शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से श्री सद्गुरु जगजीत सिंह नामधारी महाविद्यालय में बी.एससी. आई.टी. पाठ्यक्रम में इसी सत्र से नामांकन प्रक्रिया तत्काल शुरू की जाए और वोकेशनल सत्र 2022-25,2023-26 एवं 2024-27 के रुके हुए परीक्षा परिणामों को आगामी 10 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से घोषित किया जाए।” इस ज्ञापन को सौंपने के दौरान मुख्य रूप से सौरव सिंह, राजकुमार, अखिलेश कुमार, वरुण कुमार, अंकित कुमार सहित कई अन्य छात्र उपस्थित थे।