वज्रपात की चपेट में आने से 17 वर्षीय किशोरी की मौत, गांव में पसरा मातम

वज्रपात की चपेट में आने से 17 वर्षीय किशोरी की मौत, गांव में पसरा मातम

धुरकी थाना क्षेत्र अंतर्गत केतमा गांव के झुमरी महुआ टोला में गुरुवार शाम वज्रपात की चपेट में आने से एक 17 वर्षीय किशोरी की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। मृतका की पहचान मोहन गोंड की पुत्री चंदा कुमारी (17) के रूप में की गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गुरुवार की शाम क्षेत्र में बारिश के दौरान चंदा कुमारी घर से बाहर डोरी चुनने गई थी। इसी दौरान अचानक मौसम खराब हो गया और तेज गर्जना के साथ वज्रपात हुआ। चंदा इसकी चपेट में आ गई और गंभीर रूप से झुलस गई। घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों ने शोर मचाया, जिसके बाद परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे।
परिजनों ने तत्काल किशोरी को उपचार के लिए अस्पताल ले जाने की व्यवस्था की। हालांकि लगातार बारिश और कीचड़ के कारण झुमरी महुआ टोला से केतमा गांव की मुख्य सड़क तक जाने वाला मार्ग पूरी तरह जलमग्न और फिसलन भरा हो गया था। सड़क की खराब स्थिति के कारण वाहन गांव तक नहीं पहुंच सका। ऐसे में परिजनों और ग्रामीणों ने गंभीर रूप से घायल चंदा को खाट पर लिटाकर मुख्य सड़क तक पहुंचाया।
इसके बाद उसे इलाज के लिए सदर अस्पताल गढ़वा ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उसकी हालत बिगड़ती चली गई और उसने दम तोड़ दिया। सदर अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। चिकित्सकों के अनुसार, वज्रपात से हुए गंभीर आघात के कारण उसकी मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों की भीड़ मृतका के घर पर जुट गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है। असामयिक मौत से पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को आपदा राहत योजना के तहत उचित मुआवजा देने की मांग की है। लोगों का कहना है कि बारिश के दिनों में गांव की सड़कों की स्थिति अत्यंत खराब हो जाती है, जिससे आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
फिलहाल, प्रशासनिक स्तर पर मामले की जानकारी जुटाई जा रही है। वहीं, इस दुखद घटना ने एक बार फिर खराब ग्रामीण सड़क व्यवस्था और प्राकृतिक आपदाओं से बचाव के प्रति जागरूकता की आवश्यकता को उजागर कर दिया है।