निगम अपने सफाईकर्मियों को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराए : सन्नी शुक्ला

निगम अपने सफाईकर्मियों को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराए : सन्नी शुक्ला

भूमिहीन दलित सफाईकर्मी परिवारों के पुनर्वास की मांग तेज

मेदिनीनगर। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेता सन्नी शुक्ला, आशुतोष विनायक एवं वार्ड पार्षद रौशन कुमार नाग ने नगर निगम में कार्यरत भूमिहीन दलित सफाईकर्मी परिवारों को सरकार की पुनर्वास नीति के तहत आवासीय भूमि अथवा आवास उपलब्ध कराने की मांग की है।
नेताओं ने कहा कि ये परिवार पिछले लगभग 35 वर्षों से रेलवे क्रॉसिंग, कचहरी-जेलहाता के समीप निवास करते आ रहे थे। रेलवे की थर्ड लाइन परियोजना के निर्माण के दौरान उनके आवासों को हटाकर भूमि खाली करा ली गई। प्रभावित परिवारों ने प्रशासन एवं नगर निगम को आवेदन देकर पुनर्वास की मांग की थी। उन्हें आश्वासन भी दिया गया, लेकिन आज तक न तो आवासीय भूमि उपलब्ध कराई गई और न ही किसी प्रकार का वैकल्पिक आवास दिया गया।
सन्नी शुक्ला ने कहा कि ये परिवार समाज के सबसे वंचित और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों में शामिल हैं। भूमिहीन होने के कारण इनके पास रहने के लिए स्थायी व्यवस्था नहीं है। इतना ही नहीं, सामाजिक भेदभाव के कारण कई बार लोगों द्वारा इन्हें किराये पर मकान देने से भी परहेज किया जाता है। वर्तमान में ये परिवार सड़क किनारे अस्थायी झोपड़ियों में अपने बच्चों के साथ कठिन परिस्थितियों में जीवन-यापन करने को मजबूर हैं।
उन्होंने कहा कि विडंबना यह है कि ये सभी लोग नगर निगम में दैनिक सफाईकर्मी के रूप में कार्यरत हैं और शहर की स्वच्छता तथा जनस्वास्थ्य की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाते हैं, लेकिन स्वयं उनके पास सुरक्षित और सम्मानजनक आवास उपलब्ध नहीं है। निगम को अपने सफाईकर्मियों के लिए मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए उनके पुनर्वास की दिशा में तत्काल कदम उठाने चाहिए।
आशुतोष विनायक ने कहा कि प्रशासन और सरकार को इन भूमिहीन दलित परिवारों के साथ न्याय करते हुए पुनर्वास नीति के तहत शीघ्र आवासीय भूमि उपलब्ध करानी चाहिए, ताकि वे सम्मान और सुरक्षा के साथ अपना जीवन यापन कर सकें। उन्होंने इसे सामाजिक न्याय और मानवीय संवेदनशीलता से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय बताया।
वार्ड पार्षद रौशन कुमार नाग ने कहा कि निगम को मानवीय आधार पर सभी प्रभावित भूमिहीन दलित परिवारों के पुनर्वास की व्यवस्था करनी चाहिए। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस मुद्दे को नगर निगम बोर्ड की बैठक में मजबूती के साथ उठाया जाएगा और प्रभावित परिवारों को उनका अधिकार दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा।
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