धरती आबा बिरसा मुंडा को शहादत दिवस पर श्रद्धांजलि, जल-जंगल-जमीन की रक्षा के संकल्प का आह्वान
जल, जंगल, जमीन की रक्षा और आदिवासी अस्मिता के लिए अंग्रेजी हुकूमत की चूलें हिला देन े वाले, महान क्रांतिकारी, हमारे ‘धरती आबा’ भगवान बिरसा मुंडा जी के शहादत दिवस पर उन्हें कोटि-कोटि नमन ।
भगवान बिरसा मुंडा मात्र एक नाम नहीं, बल्कि अन्याय, शोषण और पराधीनता के खिलाफ उस ऐतिहासिक महा-विद्रोह (उलगुलान) का नाम ह ै जिसन े इतिहास की धारा बदल दी। उन्होंन े हमें सिखाया कि अपने हक, हकूक और स्वाभिमान की लड़ाई में कभी पीछ े नही ं हटना चाहिए। एक जनप्रतिनिधि के रूप में, आज का यह दिन मुझ े याद दिलाता है कि जनसेवा, जल-संरक्षण, पर्यावरण की रक्षा और समाज के अंतिम पायदान पर खड़ े व्यक्ति के अधिकारों के लिए लड़ना ही सच्ची राष्ट्रसेवा है। आइए, उनके इस शहादत दिवस पर हम सब मिलकर उनके दिखाए मार्ग पर चलने और एक समरस व सशक्त समाज के निर्माण का दृढ ़ संकल्प लें। क्रांतिनायक, जननायक भगवान

