बिहार सरकार का बड़ा फैसला: अब बायोमेट्रिक हाजिरी अनिवार्य, देर से आने पर कटेगा वेतन

बिहार सरकार ने सरकारी कार्यालयों में अनुशासन और समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य कर दी है। सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. बी. राजेंदर द्वारा सोमवार को जारी आदेश के अनुसार अब पंचायत स्तर से लेकर जिला स्तर तक सभी कार्यालयों में बिहार बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम (BBAS) के माध्यम से ही हाजिरी दर्ज होगी। देर से आने पर वेतन कटौती या अवकाश समायोजन किया जाएगा। वेतन भुगतान भी उपस्थिति के आधार पर ही होगा। कार्यालय प्रमुखों को हर महीने उपस्थिति रिपोर्ट देना अनिवार्य होगा। खराब मशीनों को तुरंत ठीक कराने और जहां मशीन नहीं है वहां नई मशीन लगाने का निर्देश दिया गया है। जिलों में नोडल अधिकारी की नियुक्ति कर निगरानी की जाएगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि लापरवाही पर सख्त कार्रवाई होगी और अनुशासन से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।