भरनो में दो दिवसीय ऐतिहासिक जेठ जतरा धूमधाम से संपन्न, संस्कृति और एकता का दिखा अद्भुत संगम
भरनो में दो दिवसीय ऐतिहासिक जेठ जतरा धूमधाम से संपन्न, संस्कृति और एकता का दिखा अद्भुत संगम।
भरनो(गुमला):- भरनो प्रखंड के दक्षिणी भरनो पंचायत स्थित जेठ जतरा बगीचा में चढ़ते जेठ महीने में आयोजित होने वाला दो दिवसीय ऐतिहासिक जेठ जतरा इस वर्ष भी पूरे उत्साह और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ।जेठ जतरा 21 पड़हा समिति भरनो के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में क्षेत्र के दर्जनों गांवों के लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।जतरा में भरनो के अलावा तुरिअम्बा, मरसिल्ली,कुम्हरो, सतीटोली,नवाटोली, समसेरा,कमलपुर,कैरो, मलगो,दुम्बो,गढ़ाटोली समेत कई गांवों से लोग पारंपरिक सरना झंडा लेकर पहुंचे।इस दौरान हाथी-घोड़े पर सवार होकर आए खोड़हा दल के सदस्यों ने आकर्षक पारंपरिक प्रस्तुतियां दीं,जिसने पूरे माहौल को सांस्कृतिक रंग में रंग दिया।
कार्यक्रम का उद्घाटन नगड़ी प्रमुख मधुवा कच्छप,थाना प्रभारी संतोष कुमार सिंह, समाजसेवी लखन सिंह, पड़हा राजा मुकेश उरांव, पंचायत समिति सदस्य बिरसा उरांव एवं पड़हा अध्यक्ष लधुवा उरांव, सब इंस्पेक्टर अभिनंदन कुमार,एतवा उरांव,कमिटी के सचिव सुरेश उरांव,जुगल उरांव सहित अन्य अतिथियों ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया।इस अवसर पर नगड़ी प्रमुख मधुवा कच्छप ने कहा कि जेठ जतरा हमारे पूर्वजों की अमूल्य धरोहर है,जिसमें हमारी संस्कृति और सभ्यता की झलक देखने को मिलती है।यह आयोजन समाज के लोगों को एक मंच पर लाकर आपसी भाईचारे और एकता को मजबूत करता है।वहीं थाना प्रभारी संतोष कुमार सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि दूर-दराज से आए सभी लोग शांति और अनुशासन के साथ जतरा का आनंद लें और सुरक्षित अपने घर लौटें।उन्होंने लोगों से शिक्षित और जागरूक नागरिक बनने की अपील करते हुए नशापान से दूर रहने और युवाओं से बाइक चलाते समय हेलमेट का उपयोग करने की सलाह दी।
मौके पर जतरा समिति के अध्यक्ष सह 21 पड़हा राजा मुखिया मुकेश उरांव ने कहा कि आधुनिक दौर में युवा पीढ़ी अपनी संस्कृति और परंपराओं से दूर होती जा रही है। ऐसे में पड़हा जतरा जैसे आयोजन हमारी सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।उन्होंने अंधविश्वास,नशापान और डायन-बिसाही जैसी कुरीतियों को त्यागने और बच्चों को शिक्षित करने पर जोर दिया।जतरा के दौरान विभिन्न गांवों से आए खोड़हा दल के कलाकारों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए जतरा समिति की ओर से सम्मानित किया गया। पूरे आयोजन के दौरान पारंपरिक नृत्य,गीत और रीति-रिवाजों का मनमोहक प्रदर्शन देखने को मिला, जिसने लोगों का मन मोह लिया।कार्यक्रम को सफल बनाने में पूर्व मुखिया सूरजमनी उरांव,ग्राम प्रधान तेतरा पहान,सुरेश उरांव, बिरसा उरांव,एतवा उरांव, नगवा पहान,शनिराम भगत, रंजीत उरांव,बप्पी उरांव, लधुवा उरांव,मनसा उरांव, जयराम उरांव,पिंटू बड़ाईक, चरवा उरांव,जुगल उरांव, फूलकुमारी,सोमारी उरांव, सुकरमुनि उरांव,पीके सिंह,बसंती उरांव,चुमनी उरांव,सुदर्शन महली समेत अनेक लोगों ने सराहनीय योगदान दिया।





