गिरिडीह में मजदूर दिवस पर विशाल रैली: मजदूरों के अधिकारों को लेकर बुलंद हुई आवाज
अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर गिरिडीह जिले में असंगठित मजदूर मोर्चा एवं भाकपा माले के बैनर तले एक विशाल रैली एवं आमसभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत औद्योगिक क्षेत्र चतरो मोड़ से रैली के रूप में हुई, जिसमें हजारों की संख्या में महिला-पुरुष मजदूर, किसान एवं बेरोजगार शामिल हुए। लगभग दो किलोमीटर पैदल मार्च करते हुए सभी लोग गादी श्रीरामपुर स्थित गोविंद राज सभा स्थल पहुंचे, जहां शहीद बेदी पर माल्यार्पण, झंडोत्तोलन एवं शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
सभा को संबोधित करते हुए बगोदर के पूर्व विधायक विनोद सिंह ने कहा कि गिरिडीह के मजदूरों के साथ किसी भी प्रकार की नाइंसाफी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने केंद्र सरकार पर मजदूर विरोधी नीतियां लागू करने का आरोप लगाते हुए कहा कि चार लेबर कोड के माध्यम से मजदूरों के अधिकारों को कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने मजदूरों के लिए न्यूनतम 20,000 रुपये मासिक वेतन सुनिश्चित करने की मांग की।
राजधनवार के पूर्व विधायक राजकुमार यादव ने मजदूरों, किसानों और बेरोजगारों से एकजुट होकर संघर्ष तेज करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार आम जनता की समस्याओं से दूर है और बड़े पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने में लगी हुई है। साथ ही उन्होंने जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए चल रहे आंदोलनों का समर्थन किया।
असंगठित मजदूर मोर्चा के महामंत्री नीताय महतो ने मजदूर दिवस के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए मजदूरों के अधिकारों के लिए निरंतर संघर्ष की आवश्यकता पर जोर दिया और सभी शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
सभा में अन्य वक्ताओं—पूरन महतो, अशोक पासवान, राजेश सिन्हा, कन्हाई पांडेय, अजीत राय, रामलाल मुर्मू, सलामत अंसारी सहित कई नेताओं ने भी मजदूरों, किसानों, छात्रों एवं महिलाओं से एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने की अपील की।
कार्यक्रम में भाकपा माले एवं असंगठित मजदूर मोर्चा के केंद्रीय, राज्य एवं जिला स्तर के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। मंच संचालन दीपक गोस्वामी एवं राजेश सिन्हा द्वारा किया गया।

