बाबा साहब भारत रत्न डॉक्टर भीम राव अम्बेडकर की जयंती  ‘समता दिवस’  के रूप में आयोजित किया गया

बाबा साहब भारत रत्न डॉक्टर भीम राव अम्बेडकर की जयंती  ‘समता दिवस’  के रूप में आयोजित किया गया।

           आज विश्व हिंदू परिषद के सामाजिक समरसता आयाम के नेतृत्व में भारत रत्न बाबा साहब डॉ भीम राव अम्बेडकर की जयंती को  ‘समता दिवस’  के रूप में आयोजित किया गया।  देश के लिए उनकी सेवाओं के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने हेतु विश्व हिंदू परिषद _ बजरंग दल और इसके अन्य आयाम से जुड़े सम्मानित कार्यकर्ता आज स्थानीय बाबा साहब अंबेडकर पार्क पहुंच कर बाबा साहब के प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उनकी जयंती को समता दिवस के रूप में आयोजित किया।
      
         इस अवसर पर बाबा साहब की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए विश्व हिंदू परिषद,  पलामू के जिला पालक सह प्रांत सेवा टोली सदस्य दामोदर मिश्र ने बताया कि भीम राव रामजी आम्बेडकर, जो बाबा साहब नाम से जाने जाते हैं,  विधिवेत्ता,  अर्थशास्त्री,  राजनीतिज्ञ,
और समाज सुधारक थे।  उन्होंने दलित बौद्ध आंदोलन को प्रेरित किया और सामाजिक भेदभाव के विरुद्ध अभियान चलाया। 

          जिला मंत्री अमित तिवारी ने अपने वक्तव्य में बताया कि बाबा साहब ने वंचित वर्ग के लोग जैसे श्रमिकों,  किसानों और महिलाओं के अधिकारों का पुरजोर समर्थन किया।   उन्होंने भारतीय कानून और शिक्षा में भी उल्लेखनीय योगदान दिया।   स्वतंत्र भारत के पहले कानून मंत्री के रूप में उनका योगदान अतुलनीय है।  उनके द्वारा किए गए सामाजिक कार्यों को पहचान देने हेतु उनकी जयंती को समता दिवस के रूप में आयोजित किया जाता है।

          समारोह में विश्व हिंदू परिषद के झारखंड प्रांत सेवा टोली सदस्य सह जिला पालक,  पलामू,  दामोदर मिश्र,  जिला मंत्री अमित तिवारी,   समरसता सह प्रमुख रवि तिवारी,  बजरंग दल जिला संयोजक संदीप प्रसाद गुप्ता,  नगर बजरंग दल संयोजक दिलीप गिरी,  श्रवण गुप्ता,   विजय पटवा,   सुशील श्रीवास्तव,  दीपक सोनी, सत्येंद्र,  ऊषा मांखरिया,  किशन मांखरियाआदि की सहभागिता रही।