मेराल में छठ महापर्व की धूम, अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य
लोक आस्था का महापर्व छठ
मेराल प्रखंड मुख्यालय सहित आसपास के रेजो , बाना, हासनदाग, देवगाना, गोंदा करकोमा लखेया अकलवानी पेशका बंका ओखरगाडा़ विकताम अटौला चचेरिया दुलदुलवा सहित कई ग्रामीण क्षेत्रों में भी पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जा रहा है। छठ महापर्व के दुसरे दिन छठ व्रतियों ने अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया। इस दौरान प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न छठ घाटों, मंदिरों, तालाबों और नदी तटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गई।
व्रतियों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार शाम के समय जल में खड़े होकर भगवान सूर्य देव की उपासना की और परिवार की सुख-समृद्धि, संतान की दीर्घायु तथा समाज की खुशहाली की कामना की।
स्थानीय लोगों द्वारा स्वच्छता, सुरक्षा और रोशनी की समुचित व्यवस्था की गई थी।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी छठ पर्व की विशेष रौनक देखने को मिली। महिलाएं नए वस्त्र धारण कर पारंपरिक ढोल बाजों के साथ लोकगीत गाते हुए छठ घाटों तक पहुंचीं। “कांच ही बांस के बहंगिया” और “उग हो सुरुज देव” जैसे पारंपरिक गीतों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। व्रती पूरे दिन निर्जला उपवास रखकर नियमपूर्वक पूजा-अर्चना में लीन रहे। और सायं काल में खड़ाना में गुड़ में बने खीर, पूरी बनाकर भगवान को भोग लगाकर प्रसाद ग्रहण किया।

