संत मरियम स्कूल में एक्सपीरियंशियल लर्निंग पर दो दिवसीय कार्यशाला, शिक्षकों को मिली नवाचार की नई दिशा

संत मरियम स्कूल में एक्सपीरियंशियल लर्निंग पर दो दिवसीय कार्यशाला, शिक्षकों को मिली नवाचार की नई दिशा

मेदिनीनगर।
संत मरियम विद्यालय में एक्सपीरियंशियल लर्निंग (अनुभवात्मक शिक्षा) पर आधारित दो दिवसीय कार्यशाला का प्रभावशाली आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का शुभारंभ विद्यालय के चेयरमैन श्री अविनाश देव, प्राचार्य श्री कुमार आदर्श, रिसोर्स पर्सन राहुल सिंह एवं विजय पांडे द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया।

अपने संबोधन में चेयरमैन श्री अविनाश देव ने कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के भीतर सोचने, समझने और जीवन से जुड़कर सीखने की क्षमता विकसित करना है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि एक्सपीरियंशियल लर्निंग आज की शिक्षा प्रणाली का अभिन्न हिस्सा बन चुकी है, जो बच्चों को किताबों से आगे बढ़कर वास्तविक जीवन के अनुभवों से जोड़ती है।

कार्यशाला के दौरान रिसोर्स पर्सन राहुल सिंह एवं विजय पांडे ने शिक्षकों को अनुभवात्मक शिक्षा के सिद्धांतों, तकनीकों और उनके प्रभावी क्रियान्वयन के बारे में विस्तार से बताया। दो दिनों तक चले इस प्रशिक्षण में शिक्षकों ने विभिन्न रोचक एवं सहभागितापूर्ण गतिविधियों के माध्यम से सीखने की नई विधाओं को आत्मसात किया। एक्टिविटी बेस्ड लर्निंग, ग्रुप डिस्कशन, रोल प्ले और प्रोजेक्ट वर्क के जरिए शिक्षकों को कक्षा को अधिक जीवंत और प्रभावी बनाने के गुर सिखाए गए।

कार्यशाला में राज्य के विभिन्न सीबीएसई विद्यालयों से आए शिक्षकों ने सक्रिय भागीदारी निभाई और इसे अपने शिक्षण कौशल को निखारने का एक सशक्त मंच बताया। प्रतिभागियों ने कहा कि इस तरह की पहल न केवल शिक्षकों के दृष्टिकोण को व्यापक बनाती है, बल्कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्रतिभागियों ने संत मरियम विद्यालय के इस प्रयास की सराहना करते हुए इसे शिक्षा के क्षेत्र में एक प्रेरणादायक पहल बताया, जो निश्चित रूप से भविष्य की शिक्षा को नई दिशा देने में सहायक सिद्ध होगी।

उक्त कार्यशाला में समन्वयक रोशन राज, निकिता गुप्ता, शिक्षक सुधांशु दुबे, विकास विश्वकर्मा समेत कई शिक्षक मौजूद रहे।