विश्व जल दिवस के अवसर पर जागरूकता सह विधिक साक्षरता कार्यक्रम का आयोजन

विषय: विश्व जल दिवस के अवसर पर जागरूकता सह विधिक साक्षरता कार्यक्रम का आयोजन
दिनांक 22/03/2026 को विश्व जल दिवस के अवसर पर अनुसूचित जनजाति आवासीय विद्यालय, चिनियां में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, गढ़वा के तत्वावधान में जागरूकता सह विधिक साक्षरता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम माननीय झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (JHALSA), रांची के निर्देश तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, गढ़वा श्री मनोज प्रसाद एवं सचिव श्रीमती निभा रंजन लकड़ा के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य धरती पर मौजूद 1% पीने योग्य का जल का संरक्षण के महत्व के प्रति जागरूकता फैलाना एवं विद्यार्थियों को उनके विधिक अधिकारों के प्रति सजग करना था।
इस अवसर पर पी.एल.वी. श्री सुधीर चौबे ने जल के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जल जीवन का आधार है, अतः इसका संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने जल के समुचित उपयोग, वर्षा जल संचयन एवं जल बर्बादी रोकने के उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया की वर्षा के जल का संचरण, गांव में तालाब एवं छोटी नदियों पर बांध निर्माण करके हर घर में बोर की जगह प्रत्येक शहर में एक सेंट्रलाइज बोर के माध्यम से भूगर्भ जल का संरक्षण किया जा सकता है। पीएलवी ने कहा की व्यापक मात्रा जंगल के कटाव से जलवायु में परिवर्तन के कारण पूरी दुनिया को विकट स्थिति का सामना करना पड़ रहा है इसका एक ही उपाय है पेड़ लगाना जिससे प्रकृति का संतुलन बना रहे।
पी.एल.वी. श्री कलामुदिन अंसारी ने विद्यार्थियों को लीगल लिटरेसी क्लब के उद्देश्य एवं उसके माध्यम से मिलने वाले लाभों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह क्लब छात्रों को उनके अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति जागरूक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
पी.एल.वी. श्री मदन कुमार यादव ने शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के प्रावधानों पर प्रकाश डालते हुए बच्चों को नि:शुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा के अधिकार की जानकारी दी। वहीं श्री दिलीप कुमार सिंह ने बाल मजदूरी के दुष्परिणामों एवं उससे संबंधित कानूनों की जानकारी देते हुए बच्चों को शिक्षा की ओर अग्रसर होने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में विद्यालय के शिक्षक श्री बिरबल राम का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
अंत में विद्यार्थियों को जल संरक्षण, शिक्षा के अधिकार एवं बाल श्रम उन्मूलन के प्रति जागरूक रहने एवं समाज में इन संदेशों को फैलाने का आह्वान किया गया एवं जल संरक्षण के लिए शपथ दिलाया गया।