“गिरिडीह राष्ट्रीय लोक अदालत में 75 हजार से अधिक मामलों का निष्पादन, करीब 3 करोड़ की राशि का सेटलमेंट”

*जिला विधिक सेवा प्राधिकार, गिरिडीह के द्वारा व्यवहार न्यायालय गिरिडीह में किया गया इस वर्ष का प्रथम राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन, 70659 वाद पूर्व मामले एवं 4479 लंबित मामले मामलों का हुआ निष्पादन एवं 2 करोड़,96 लाख,73 हजार 236 रूपए की राजस्व मूल्य की प्राप्ति हुई आज के राष्ट्रीय लोक अदालत का ऑन लाइन उद्घाटन माननीय उच्च न्यायालय झारखंड रांची के माननीय मुख्य न्यायाधीश के कर कमलों द्वारा किया गया। इस दौरान कार्यक्रम का आयोजन कर दुर्घटना वाद में पीड़ितों को 1 करोड़ 3 लाख 44 हजार रुपए से अधिक मूल्य की चेक प्रदान की गई *

माननीय राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार, नई दिल्ली एवं माननीय झालसा, रांची के निर्देशानुसार आज दिनांक 14 मार्च , 2026 को राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार गिरिडीह, श्री मार्तंड प्रताप मिश्रा, प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय, श्री धनंजय कुमार एवं अन्य न्यायिक पदाधिकारियों के पावन कर कमलों द्वारा किया गया।

इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार गिरिडीह, श्री मार्तंड प्रताप मिश्रा ने कहा कि वर्ष 2026 के लिए प्रथम राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन आमजनों एवं पक्षकारों को लाभ प्रदान करने हेतु माननीय नालसा, नई दिल्ली के निर्देश पर पूरे देश में आज के दिन किया जा रहा है। माननीय झालसा, रांची के द्वारा झारखंड राज्य के सभी न्यायालयों में लंबित एवं प्री लिटिगेशन मामलों का निष्पादन इस राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से किया जा रहा है। इस प्रकार के आयोजनों से पक्षकारों को अपने मामलों में त्वरित निष्पादन का लाभ तो मिलता ही है साथ ही साथ न्यायालय का बोझ भी कम होता है। इस राष्ट्रीय लोक अदालत में सुलहनीय आपराधिक मामलों, सिविल मामलों, बैंक मामलों, वाहन दुर्घटना वाद से संबंधित मामलों बिजली, वन विभाग, उत्पाद, माप तौल, खाद्य सुरक्षा इत्यादि विभागों से संबंधित मामलों का निष्पादन लोक अदालतों के माध्यम से होने से आम जनों को काफी राहत मिलता है।

आमजनों एवं पक्षकारों को इस राष्ट्रीय लोक अदालत में उपस्थित होकर अपने मामलों का निष्पादन करवाने के लिए बधाई प्रदान करते हुए कहा कि माननीय न्यायालय के द्वारा समय-समय पर लगाए जा रहे इस प्रकार के आयोजनों में शरीक होकर अपने मामलों को निष्पादित कराएं। जिला प्रशासन भी न्यायपालिका के साथ तालमेल स्थापित कर हर संभव मदद करने के लिए तत्पर है।
राष्ट्रीय लोक अदालत के विशेषता एवं महत्ता पर प्रकाश डाला एवं आम पक्षकारों को आह्वान किया कि इस राष्ट्रीय लोक अदालत में बढ़-चढ़कर अपने मामलों का निष्पादन करा कर खुशी-खुशी अपने घर की ओर जाएं तथा समाज में सौहार्द एवं अमन का वातावरण बनाए रखें। आज के इस राष्ट्रीय लोक अदालत में आप सभी विद्वान अधिवक्ता गण एवं पक्षकारगण अपनी महत्वपूर्ण भागीदारी निभाने के लिए इस प्रांगण में उपस्थित हैं। यह इस राष्ट्रीय लोक अदालत की महत्ता एवं जन-जन तक इसकी पहचान को प्रदर्शित करता है। कार्यक्रम का संचालन सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकार गिरिडीह श्री सफदर अली नैयर ने की।
गिरिडीह न्यायमंडल द्वारा आज के इस राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने हेतु निरंतर कार्य किया गया, इसमें सभी न्यायिक पदाधिकारियों, सभी विभागों के पदाधिकारियों , विद्वान पैनल अधिवक्ताओं एवं पारा लीगल वॉलिंटियर्स के साथ मीटिंग किया गया था। साथ ही संबंधीत न्यायालयों के द्वारा पूर्व से ही मामलों को चिन्हित कर संबंधित पक्षकारों को नोटिस के माध्यम से सूचना प्रदान किया गया।
इस कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अध्यक्ष महोदय जिला विधिक सेवा प्राधिकार, गिरिडीह के निर्देश पर कुल 13 पीठों का गठन किया गया था जिसमें सभी पीठों के पीठासीन पदाधिकारियों ने आज इस राष्ट्रीय लोक अदालत के दिन अपने-अपने पीठों में आवंटित मामलों को निष्पादित किया।

 उन्होंने बतलाया कि आज इस राष्ट्रीय लोक अदालत में 70695 प्री लिटिगेशन मामले  एवं 4479 लंबित मामले    मामलों का निष्पादन किया  जिसमें * 2 करोड़ 96 लाख  73 हजार 236 रुपए* की राशि संबंधित पक्षकारों को तथा राजस्व के रूप में विभिन्न विभागों को प्राप्त हुआ है। साथ ही राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान गिरिडीह जिले के उपायुक्त महोदय एवं कार्यपालिका के तमाम विभागों के पदाधिकारियों के सहयोग एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकार गिरिडीह के सामंजस्य से   परिसंपत्तियों का वितरण कर उन लाभुकों को विभिन्न सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित किया गया।

      कार्यक्रम में गिरिडीह न्याय मंडल के  सभी न्यायिक पदाधिकारीगण, सभी अधिवक्ता गण, गिरिडीह सदर  मुख्यालय  सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी एवं कर्मचारी गण उपस्थित थे।
   इस राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने में गिरिडीह न्यायमंडल के सभी न्यायिक पदाधिकारियों, विद्वान अधिवक्ताओं, विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों, न्यायालय के कर्मचारियों, पारा लीगल वालंटियर्स, मीडिया कर्मीयों सहित पक्षकारों की सराहनीय भूमिका रही।