महुआडांड़ में जेंडर रिसोर्स सेंटर का उद्घाटन, 42 महिला समूहों को मिली दो-दो लाख की परिसंपत्ति
महुआडांड़ प्रखंड में सोमवार को ग्रामीण महिलाओं और पीड़ित वर्गों को त्वरित एवं सुलभ न्याय उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत की गई। झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS) कार्यालय परिसर में जेंडर रिसोर्स सेंटर (CLF) का औपचारिक उद्घाटन किया गया।उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि रविंद्र कुमार अग्रवाल, सहकारी समितियों के केंद्रीय रजिस्टार एवं अतिरिक्त सचिव, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में महुआडांड़ अनुमंडल पदाधिकारी विपिन कुमार दुबे एवं प्रखंड विकास पदाधिकारी संतोष बैठा उपस्थित रहे। अतिथियों ने संयुक्त रूप से फीता काटकर केंद्र का उद्घाटन किया कार्यक्रम में पारंपरिक रीति-रिवाज के अनुसार गूंगू पहनाकर अतिथियों का स्वागत किया गया, वहीं आदिवासी नृत्य की प्रस्तुति ने आयोजन को सांस्कृतिक गरिमा प्रदान की।अपने संबोधन में वक्ताओं ने कहा कि जेंडर रिसोर्स सेंटर ग्रामीण महिलाओं, सामाजिक रूप से वंचित वर्गों और पीड़ितों के लिए सम्मानजनक, त्वरित और स्थानीय स्तर पर न्याय उपलब्ध कराने का प्रभावी मंच साबित होगा। वर्तमान में महुआडांड़, नेतरहाट, अकसी और चटकपुर गांवों में चार जेंडर जस्टिस सेंटर संचालित हैं, जहां घरेलू हिंसा, पारिवारिक विवाद, सामाजिक भेदभाव एवं उत्पीड़न से जुड़े मामलों की सुनवाई गांव स्तर पर की जा रही है। गांव स्तर पर समाधान नहीं होने पर मामलों को महुआडांड़ स्थित जेंडर रिसोर्स सेंटर में भेजा जाता है,कार्यक्रम के दौरान जेएसएलपीएस से जुड़ी 42 महिला स्वयं सहायता समूहों को चिप सेक्रेटरी के माध्यम से दो-दो लाख रुपये की परिसंपत्ति का वितरण किया गया। इससे महिलाओं को स्वरोजगार, आजीविका सशक्तिकरण और आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा।इसी क्रम में रामपुर स्थित फार्म में जीरा फुल चावल एवं मूंगफली इकाई केंद्र का भी उद्घाटन किया गया। यह इकाई केंद्र सरकार और जिला प्रशासन के सहयोग से स्थापित की गई है, जिसका संचालन नेतरहाट फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड द्वारा किया जाएगा। कार्यक्रम में जेएसएलपीएस के जिला कार्यक्रम प्रबंधक संतोष कुमार, जिला प्रबंधक रोजालिया लकड़ा, बीपीओ विनोद कुमार, सीसी उत्तम कुमार, सीईओ आशीष कुमार सहित बड़ी संख्या में स्वयं सहायता समूह की महिलाएं उपस्थित रहीं।

