भारत की एकता का प्रतीक लौह पुरुष पटेल की जयंती पर ‘रन फॉर यूनिटी’ में उमड़ा उत्साह, 06 फीट 09 इंच के छात्र ने जीता सबका दिल
भारत की एकता का प्रतीक लौह पुरुष पटेल की जयंती पर ‘रन फॉर यूनिटी’ में उमड़ा उत्साह, 06 फीट 09 इंच के छात्र ने जीता सबका दिल
मेदिनीनगर। देश के लौह पुरुष और भारत की एकता के प्रतीक सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर पलामू प्रशासन द्वारा ‘रन फॉर यूनिटी…एकता के लिए दौड़’ का भव्य आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम शहर थाना से पुलिस लाइन स्टेडियम तक आयोजित हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में अधिकारियों, जवानों, छात्र-छात्राओं और नागरिकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
इस एकता दौड़ का नेतृत्व पलामू जोन के आईजी शैलेंद्र कुमार सिन्हा एवं पलामू पुलिस अधीक्षक रीष्मा रमेशन ने किया। उनके साथ सभी वरीय एवं कनिष्ठ पदाधिकारियों सहित महिला व पुरुष जवानों ने एक साथ दौड़ लगाई। इस अवसर पर संत मरियम आवासीय विद्यालय के बच्चों ने भी जोश और अनुशासन के साथ भाग लेकर लोगों का ध्यान आकर्षित किया।
कार्यक्रम में उपस्थित संत मरियम आवासीय विद्यालय के चेयरमैन अविनाश देव ने अपने संबोधन में कहा कि भारत मुगलकाल से ही रियासतों में बंटा हुआ था, जिसका फायदा अंग्रेजों ने ‘फूट डालो और राज करो’ की नीति से उठाया। जब अंग्रेजों को भारत से खदेड़ा गया, तब देश के एकीकरण की चुनौती सामने थी। ऐसे कठिन समय में सरदार पटेल ने फौलादी इच्छाशक्ति और दूरदृष्टि से कार्य करते हुए हैदराबाद से कश्मीर, जूनागढ़ से डिब्रूगढ़ तक 562 रियासतों को एक सूत्र में पिरोया और एक अखंड, मजबूत तथा लोकतांत्रिक भारत का निर्माण किया। यही कारण है कि वे सच्चे अर्थों में ‘लौह पुरुष’ कहलाए।
अविनाश देव ने आगे कहा कि यही एकता आज ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ के रूप में विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा बनकर हमारे सामने खड़ी है, जो सरदार पटेल के अद्वितीय योगदान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आज पटेल जीवित होते, तो डेढ़ सौ वर्ष के युवा दिखाई देते। पचहत्तर वर्ष पूर्व उनका देहावसान हुआ, पर उनकी प्रासंगिकता आज और भी बढ़ गई है। पूरा भारत आज उन्हें एकता के प्रेरणास्रोत के रूप में नमन कर रहा है।
इस दौरान, सभी की नज़रें एक विशेष छात्र पर ठहर गईं। संत मरियम स्कूल के 06 फीट 09 इंच लंबे छात्र ने अपने जोश और हाइट से सभी का दिल जीत लिया। वह एक आईआरबी जवान का बेटा है। आईजी शैलेंद्र कुमार सिन्हा और एसपी रीष्मा रमेशन ने उसकी खेल प्रतिभा की सराहना करते हुए उसे प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम का समापन ‘भारत माता की जय’ और ‘एकता अमर रहे’ के नारों के साथ हुआ, जहां एकता और राष्ट्रप्रेम की भावना पूरे माहौल में व्याप्त थी।

