सिरसिया के निर्माण पाइप में तीस हजारी कोर्ट के आदेश के बाद छापामारी
बड़ी संख्या में सुप्रीम इंडस्ट्रीज लिमिटेड के सामान बरामद
गिरिडीह। दिल्ली के तीस हजारी कोर्ट के आदेश पर गिरिडीह के मुफ्फसिल थाना पुलिस ने सिरसिया स्थित निर्माण पाइप की फैक्ट्री में छापेमारी की। इस दौरान फैक्ट्री से द सुप्रीम इंडस्ट्रीज लिमिटेड कंपनी के करीब दस अलग-अलग वस्तुओं को जब्त किया गया। दिल्ली तीस हजारी कोर्ट के आदेश पर आएं दंडाधिकारी राम वर्मा के नेतृत्व में पुलिस ने निर्माण पाइप फैक्ट्री में कार्रवाई की है। बताया गया कि छापामारी के दौरान दौरान फैक्ट्री के प्रोडक्ट का जांच की गई, जिसमें दंडाधिकारी ने भी पाया कि निर्माण पाइप के नाम पर गिरिडीह के निर्माण पाइप्स में बड़े पैमाने पर डुप्लीकेट सामान झारखंड बिहार में खपाया जा रहा है। जबकि निर्माण पाइप्स कंपनी द सुप्रीम इंडस्ट्रीज लिमिटेड के सामान को अपना नाम देकर बेच रहा है। दंडाधिकारी के आदेश पर दस आइटम को गिरिडीह के निर्माण पाइप्स फैक्ट्री से सीज कर लिया गया। इस संबंध में द सुप्रीम इंडस्ट्रीज लिमिटेड थाना को आवेदन भी दिया है। वहीं अधिकारियों का कहना है कि वे अब मामले की गहन जांच और आगे की कार्रवाई के लिए कदम उठाए जाएंगे।
इन वस्तुओं की हुई जब्ती
दिल्ली तीस हजारी कोर्ट के आदेश पर हुई छापेमारी में कर भारी मात्रा में अलग-अलग आकार और रंग के पानी की टंकियां, मोल्ड, स्टिकर और वारंटी कार्ड सहित बड़ी मात्रा में सामग्री जब्त किया गया है। जिसमें सुपिरेमो 1000 लीटर की 120 मल्टीकलर टंकियां, सुपिरेमो 2000 लीटर की 16 ब्लैक टंकियां, सुपिरेमो 500 लीटर की 150 मल्टीकलर टंकियां, सुपिरेमो 750 लीटर की 14 मल्टीकलर टंकियां, सुपिरेमो 750 लीटर के दो मोल्ड, सुपिरेमो 500 लीटर के चार मोल्ड, सुपिरेमो 1000 लीटर के चार मोल्ड और सुपिरेमो 1500 लीटर का एक मोल्ड बरामद किया है। छापेमारी में टीम ने 340 सुपिरेमो स्टिकर और 900 वारंटी कार्ड भी जब्त किए है।
सुप्रीमो बड़ी कंपनी, उससे सुपिरेमो का कोई लेना देना नहीं
इधर मामले को लेकर सीताराम पॉलीप्लास्ट प्राइवे लिमिटेड ने कहा कि उनकी कंपनी निर्माण पाइप में किसी प्रकार के डुप्लिकेट सामान नहीं बनाए जाते हैं। बताया कि सुपिरेमो उनकी कंपनी का ही हिस्सा है। जिसका ट्रेडमार्क एप्लीकेशन भी फाइल हो चुका है। बताया कि सुप्रीम एक बड़ी कंपनी है और छोटे व्यापारियों को खत्म करना चाहती है। कहा कि वे इसका जवाब न्यायालय में देंगे। सुप्रीमो और सुपिरेमो दोनों अलग हैं।

