मेदिनीनगर में धरना-प्रदर्शन के लिए कौन स्थान निर्धारित है?:झारखण्ड क्रांति मंच

झारखण्ड क्रांति मंच के केन्द्रीय अध्यक्ष शत्रुघ्न कुमार शत्रु ने आज मेदिनीनगर में प्रेस बयान जारी कर माले समेत विभिन्न लोकतांत्रिक संगठनों के 18 नेताओं पर पलामू एसपी के इशारे पर सरकारी कार्य में बांधा डालने के कथित आरोप में नामजद प्राथमिकी दर्ज कराने की कड़ी आलोचना करते हुए जिला प्रशासन से पूछा है कि मेदिनीनगर में लोकतांत्रिक तरीके से विरोध- प्रदर्शन दर्ज कराने के लिए कौन सा स्थान निर्धारित किया गया है?किसी भी कार्यक्रम के लिए सदर एसडीओ के गोपनीय शाखा में पत्र रिसीव कराने के बावजूद भी किस नियम के तहत कार्यक्रम के लिए दण्डाधिकारी व विधि व्यवस्था संधारण के लिए पुलिस बल प्रति नियुक्त नहीं करना या फिर कार्यक्रम आयोजित करने पर रोक की सूचना सदर एसडीओ द्वारा सम्बन्धित संगठनों को नहीं देने का प्रावधान है?इस का खूलाशा जिला प्रशासन को अवश्य करना चाहिए।
जारी बयान में उन्होंने कहा है कि हम मातृ शक्ति के तौर पर जिले के महिला अधिकारियों का सम्मान करते हैं, लेकिन अगर पलामू की आरक्षी अधीक्षक रिष्मा रमेशन(आई पी एस) व सदर एसडीओ सुलोचना मीणा(आई ए एस) का व्यवहार गैर जिम्मेदाराना व अलोकतांत्रिक होगा,तो इसके लिए कौन जिम्मेदार होगा?
जारी बयान में उन्होंने कहा है कि कार्यक्रम की विधिवत लिखित सूचना सदर एसडीओ कार्यालय में देने के बावजूद भी पूर्वाग्रह से प्रेरित सदर एसडीओ ने एक अनुसेवक तक को पुलिस बल के साथ दण्डाधिकारी नियुक्त नहीं कर घोर कर्तव्यहीनता का परिचय दिया है।अगर इनके द्वारा दण्डाधिकारी प्रतिनियुक्त कर दिया जाता तो प्रदर्शनकारियों के साथ टाउन थाना के अवर निरीक्षक शहंशाह सिद्दीकी द्वारा महिला नेत्रियों व महिला प्रदर्शनकारियों के साथ धक्का मुक्की, जातिसूचक गाली-गलौज व अभद्रता नहीं किया जाता तो फिर प्रदर्शनकारी लम्बे समय तक धरना पर बैठने को मजबूर नहीं होते।
बयान के अंत में उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में पुलिस व सामंती दमन के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन हमारा संवैधानिक अधिकार है,अगर इस तरह झूठे मुकदमे इंडिया गठबंधन की सरकार में संघ के पीठू अधिकारियों के इशारे पर हमारे खिलाफ होंगे तो इसका प्रतिरोध किया जाएगा,इस कड़ी में आन्दोलन कारियों का प्रतिनिधिमंडल राज्य के मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से मिलकर झूठे मुकदमें वापस लेने व जातिवादी पलामू एसपी रिष्मा रमेशन व कर्तव्यहीन सदर एसडीओ को यहां से शीघ्र तबादला करने की मांग करेगा‌।