दिल मे चरागे़ दाग़े मोहब्बत जलाइए,शम्मे जमाले दैर-ओ-हरम क्यूं बुझाइए

दिल मे चरागे़ दाग़े मोहब्बत जलाइए,
शम्मे जमाले दैर-ओ-हरम क्यूं
बुझाइए l

एक शाम महजूर शम्सी के नाम..

दिनांक 8 .2. 2025 को शाम 7 बजे IMA हॉल हॉस्पिटल चौक मेदनीनगर मे ,
अंजुमन तरक्क़ी ए उर्दू,
पलामू और
एदारा- ए- फ़िक्रो अदब के संयुक्त तत्वधान मे सुप्रसिद्ध शायर हज़रत महजूर शम्सी मरहूम की 51 वी पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए मुशायरा सह कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया l
इस मुशायरे सह कवि सम्मेलन की मुख्य अतिथि प्रथम महापौर श्रीमती अरुणा शंकर, एवम विशिष्ट अतिथि मुंबई से आए हुए
फ़िल्म निर्देशक टीवी सीरियल निर्माता श्री विनोद मदन सिन्हा जी थे, इन अतिथियों को शाल और बुके देकर सम्मानित किया गया l
इस अवसर पर श्रीमति अरुणा शंकर ने आयोजकों की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम होते रहना चाहिए l
उन्होंने हिंदू मुस्लिम एकता पर बल देते हुए आपसी सौहार्द पर बल दिया l
कार्यकम के विशिष्ट अतिथि श्री विनोद मदन सिन्हा जी ने कहा कि महजूर शम्सी साहब अपनी ज़ात मे एक अंजुमन थे,
उनका व्यक्तित्व हम सब के लिए अनुकरणीय है l
इसके बाद मुशायरा का पूर्ण रूप से आगाज़ हुआ l
मुशायरे की इब्तदा मे हज़रत महजूर शम्सी साहब के नाती जनाब अदनान काशिफ़ ने कलामे महजूर पेश किया l और जनाब इस्तेख़ार साहब ने हज़रत महजूर शम्सी साहब का कलाम पेश किया l
इस मुशायरा मे जिन जिन शायरों
और कवि ने अपनी रचनाएं पेश की उनके नाम निम्नलिखित हैं,
शमीम जोहर, नसीम रेयाज़ी,
मक़बूक मंज़र,
अरशद क़मर, इंतेख़ाब असर,
, अतहर मुबीन कुरेशी, अमीन रहबर, मुसतफ़ा बलख़ि गोया l
एम. जे. अज़हर, नुदरत नवाज़, निगार आलम अता, अलाउद्दीन शाह चराग़, हरिवंश प्रभात, प्रेम प्रकाश, किरण राज़, शालिनी श्रीवास्तव, अशरफ़ जमाल अश्क, मनीष मिश्रा नंदन l
इस कायकर्म की अध्यक्षता
डॉ मुजफ़्फ़र
बलख़ि , तथा मंच संचालन, शायर मुसतफ़ा बलख़ि गोया l
ने की l
इस मुशायरे को सवारने सजाने मे मुख्य भूमिका अरशद जमाल, अदनान काशिफ़, मुसतफ़ा बलख़ि गोया, इंतेख़ाब असर,
ने की, इस कार्यक्रम मे उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों मे
डॉ अरशद जमाल,
असग़र इमाम,
नूर मोहम्मद तुल्लू,
पंकज श्रीवास्तव, शिव शंकर प्रसाद, कुमार घनश्याम, इमरान नाज़िश, वजदान, अहमद, सोशल मीडिया प्रभारी चांद ख़ान,
रिवायत हुसैन,
कार्यक्रम शायर शमीम जोहर की सरपरस्ती मे संपन्न हुआ l