28-29 जून को मधुबन में होगा भाकपा (माले) का 14वां जिला सम्मेलन
गिरिडीह। भाकपा (माले) का 14वां गिरिडीह जिला सम्मेलन 28 और 29 जून को मधुबन में आयोजित होगा। रविवार को जिला कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में जिला सचिव अशोक पासवान, किसान नेता पूरन महतो, माले नेता राजेश सिन्हा और कन्हाई पांडे ने सम्मेलन के कार्यक्रम और प्रमुख विषयों की जानकारी दी।
प्रेस वार्ता में नेताओं ने कहा कि यह सम्मेलन उस समय हो रहा है जब देश आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक चुनौतियों से जूझ रहा है। उन्होंने बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, शिक्षा व्यवस्था में गिरावट और परीक्षाओं में पेपर लीक जैसी घटनाओं को चिंता का विषय बताया और कहा कि सम्मेलन में इन मुद्दों पर विस्तृत चर्चा होगी तथा जनसंघर्ष को तेज करने की रणनीति बनायी जाएगी।
नेताओं ने भाजपा और आरएसएस पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि वर्तमान नीतियों से कॉरपोरेट हितों को प्राथमिकता दी जा रही है और आम जनता के प्रश्न नजरअंदाज हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि NEET और CUET-UG जैसी परीक्षाओं में पेपर लीक ने युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है और बेरोजगारी के चलते युवाओं में निराशा बढ़ रही है।
प्रेस वार्ता में स्थानीय मुद्दों को भी प्रमुखता दी गयी। नेताओं ने कहा कि झारखंड सरकार की नीति के बावजूद स्थानीय उद्योगों में 75 प्रतिशत रोजगार स्थानीय युवाओं को नहीं मिल रहा है। जिले में भूमि माफियाओं की सक्रियता, पलायन, विस्थापन, मनरेगा में भ्रष्टाचार, राशन वितरण में अनियमितता तथा किसानों की जमीन ऑनलाइन करने में आ रही समस्याओं को गंभीर चिंता का विषय बताया गया।
माले नेताओं का आरोप था कि गिरिडीह के औद्योगिक क्षेत्रों से फैक्ट्रियों के प्रदूषण के कारण नदी-नाले, तालाब और कृषि भूमि प्रभावित हो रही हैं, जिसका प्रतिकूल प्रभाव लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि पार्टी इन सवालों को लेकर सड़क से संसद तक संघर्ष जारी रखेगी।
राजेश सिन्हा ने कहा कि मधुबन और पीरटांड़ क्षेत्रों में जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए आंदोलन तेज किया जाएगा। उन्होंने विभिन्न विभागों में भ्रष्टाचार व लूट की घटनाओं का भी आरोप लगाया और कहा कि इन्हें राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है।
कांग्रेस द्वारा लगाये गये आरोपों के संबंध में पूछे गये सवाल पर जिला सचिव अशोक पासवान ने कहा कि कांग्रेस को पहले अपने अंदर झांकना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि भाकपा-माले के विधायक निरंतर जनता के बीच रहकर उनके मुद्दों को उठाते रहते हैं।
सम्मेलन में भाकपा-माले के राष्ट्रीय महासचचिव दीपांकर भट्टाचार्य सहित आरा सांसद सुदामा प्रसाद, सिंदरी विधायक चंद्रदेव महतो, निरसा विधायक अनूप चटर्जी, पूर्व विधायक विनोद सिंह, पूर्व विधायक राजकुमार यादव और महिला नेत्री जयंती चौधरी समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। पार्टी ने जिले के किसानों, मजदूरों, छात्रों, नौजवानों, महिलाओं और ग्रामीण गरीबों से बड़ी संख्या में सम्मेलन में भाग लेने की अपील भी की है।
पार्टी का कहना है कि जल, जंगल, जमीन और रोजगार से जुड़े सवालों पर जनसंघर्ष को और मजबूत बनाने के लिए यह जिला सम्मेलन अहम साबित होगा।

