2 मिनट की देरी, एक साल की सजा: नर्सिंग परीक्षा से वंचित हुए झारखंड के सैकड़ों छात्र
झारखंड में आज एक बार फिर से परीक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। पीएससी नर्सिंग परीक्षा में शामिल होने आए सैकड़ों छात्र-छात्राएं केवल 2-3 मिनट की देरी के चलते परीक्षा देने से वंचित रह गए।”आज झारखंड में नर्सिंग पीएससी परीक्षा के लिए छात्र बड़ी उम्मीद लेकर सेंटर पर पहुंचे थे। लेकिन कई छात्रों को परीक्षा केंद्र के गेट पर ताला लगा मिला। कारण सिर्फ इतना था कि वे 2 से 3 मिनट देर से पहुंचे थे।”हम लोग दूर-दूर से आए थे, रास्ते में बारिश और विजय दिवस के कारण ट्रैफिक था। हम सिर्फ 2 मिनट लेट थे, लेकिन फिर भी अंदर नहीं जाने दिया गया।”छात्रों ने जब देखा कि कोई सुनवाई नहीं हो रही है, तो वे सीधे उपायुक्त कार्यालय पहुंचे और अपना दुखड़ा सुनाया। प्रशासन ने जांच टीम भेजी, लेकिन सीसीटीवी फुटेज में यह साफ हुआ कि छात्र लेट पहुंचे थे। इसके बाद अधिकारियों ने कहा – “अब कोई गुंजाइश नहीं है।””क्या 2 मिनट की देरी इतनी बड़ी गलती है कि हमारा एक साल बर्बाद हो जाए? क्या प्रिंसिपल चाहते तो हमें बैठने का मौका नहीं दे सकते थे?”छात्रों ने आरोप लगाया कि यह प्रिंसिपल की सख्ती या मनमानी थी। यदि थोड़ी नरमी दिखाई जाती, तो 100 से ज्यादा छात्रों का भविष्य अधर में न लटकता।”अब सवाल यह उठता है कि क्या परीक्षा प्रणाली इतनी कठोर होनी चाहिए कि वह इंसानियत और समझदारी को भी नजरअंदाज कर दे? क्या 2 मिनट की देरी की सजा एक साल का नुकसान होनी चाहिए? जवाब शायद आने वाले दिनों में मिलेगा, लेकिन आज कई आंखों में सिर्फ आंसू हैं और दिलों में मायूसी।”

