वज्रपात का कहर: बैल चराने गए युवक की मौत, दो मवेशियों ने भी गंवाई जान

वज्रपात का कहर: बैल चराने गए युवक की मौत, दो मवेशियों ने भी गंवाई जान

घाघरा के टांगर सिकवार गांव में बारिश के दौरान हादसा, अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने युवक को मृत घोषित किया

गुमला। घाघरा थाना क्षेत्र में गुरुवार को तेज बारिश के बीच वज्रपात ने एक युवक की जान ले ली। टांगर सिकवार गांव में दिन करीब 2 बजे बैल चराने गए लगभग 30 वर्षीय ललित उरांव वज्रपात की चपेट में आ गए। हादसे के बाद गांव में शोक का माहौल है, वहीं परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

जानकारी के अनुसार, ललित उरांव बैल चराने के लिए खेत की ओर गए थे। इसी दौरान अचानक तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश से बचने के लिए वह पेड़ की ओर जाने का प्रयास कर रहे थे। इसी क्रम में अचानक वज्रपात हुआ, जिसकी चपेट में आने से वह गंभीर रूप से झुलस गए और मौके पर ही उनकी हालत बिगड़ गई।

घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे और आनन-फानन में ललित उरांव को एंबुलेंस की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, घाघरा पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

घटना की सूचना मिलने के बाद परिजन अस्पताल पहुंचे, जहां उनका रो-रोकर बुरा हाल रहा। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को आपदा प्रबंधन के तहत उचित मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग की है।

गुटवा गांव में वज्रपात से दो मवेशियों की मौत

वहीं, दूसरी घटना घाघरा क्षेत्र के गुटवा गांव में हुई। यहां मवेशी चराने के दौरान वज्रपात की चपेट में आने से गुडुवा मुंडा के दो मवेशियों की मौके पर ही मौत हो गई।

मवेशियों की मौत से पशुपालक को आर्थिक नुकसान हुआ है। पीड़ित ने अंचल प्रशासन से आपदा के तहत उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है।

लगातार बारिश और गरज-चमक के बीच हुई दोनों घटनाओं से ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों ने लोगों से बारिश के दौरान खुले मैदान, पेड़ और बिजली के खंभों के आसपास जाने से बचने तथा सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।