वार्षिक माध्यमिक परीक्षा में पलामू का प्रदर्शन सुधारने की बड़ी पहल: वरिष्ठ अधिकारियों ने साझा की सफलता की ‘ब्लूप्रिंट’

वार्षिक माध्यमिक परीक्षा में पलामू का प्रदर्शन सुधारने की बड़ी पहल: वरिष्ठ अधिकारियों ने साझा की सफलता की ‘ब्लूप्रिंट’

पलामू। पलामू जिले में वार्षिक माध्यमिक परीक्षा में शामिल होने वाले छात्र-छात्राओं के परीक्षा परिणाम को ऐतिहासिक बनाने और उनकी सफलता की राह आसान करने के उद्देश्य से एक उच्च स्तरीय ऑनलाइन मार्गदर्शन सत्र का आयोजन किया गया। गूगल मीट के माध्यम से आयोजित इस विशेष सत्र में जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने न केवल छात्रों का उत्साहवर्धन किया, बल्कि उन्हें उन बारीक गलतियों के प्रति भी सचेत किया जो अक्सर परिणाम को प्रभावित करती हैं।

नकल के बजाय खुद की दिनचर्या पर दें जोर: डीडीसी श्री जावेद हुसैन

सत्र की औपचारिक शुरुआत करते हुए डीडीसी (DDC) श्री जावेद हुसैन सर ने विद्यार्थियों को सबसे महत्वपूर्ण सलाह देते हुए कहा कि प्रत्येक छात्र की सीखने की क्षमता और परिस्थितियां अलग होती हैं। उन्होंने स्पष्ट किया, “कोई भी रूटीन हो, उसे आप स्वयं बनाएं। किसी और के टाइम-टेबल की नकल करना आत्मघाती हो सकता है”। उन्होंने तैयारी के लिए घर में एक उचित माहौल बनाने और रिवीजन के लिए ‘शॉर्ट नोट्स’ (Short Notes) तैयार करने की आवश्यकता पर बल दिया। इसके अतिरिक्त, बायोलॉजी जैसे कठिन विषयों की गुत्थियां सुलझाने के लिए उन्होंने विद्यार्थियों को यूट्यूब (YouTube) जैसे आधुनिक प्लेटफॉर्म का सही उपयोग करने के लिए प्रेरित किया।

सिलेबस पूरा न होने का तनाव छोड़ें, शॉर्ट नोट्स का लें सहारा: डीईओ श्री सौरभ प्रकाश

जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) श्री सौरभ प्रकाश सर ने विद्यार्थियों के मन से परीक्षा का डर निकालते हुए कहा कि यदि अब तक पाठ्यक्रम (Syllabus) पूरी तरह समाप्त नहीं हो पाया है, तो घबराने की कोई बात नहीं है। उन्होंने कहा कि छात्र अपना परिचय और अपनी मजबूती को स्वयं पहचानें। उन्होंने सुझाव दिया कि छात्र उन विषयों और टॉपिक्स पर अधिक ध्यान दें जिन पर उनकी पकड़ अच्छी है और उनके रिवीजन के लिए अनिवार्य रूप से शॉर्ट नोट्स तैयार करें, ताकि परीक्षा के ठीक पहले वे कम समय में पूरे विषय को दोहरा सकें।

समय पर्याप्त है, पिछले वर्षों के प्रश्नों पर करें फोकस: डीएसई श्री संदीप कुमार

जिला शिक्षा अधीक्षक (DSE) श्री संदीप कुमार सर ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि सभी परीक्षार्थी एक ही तरह की मानसिक स्थिति और परिवेश से गुजरते हैं। उन्होंने छात्रों की आम शिकायत ‘भूलने की समस्या’ पर कहा, “भूलना एक मानवीय प्रक्रिया है, लेकिन निरंतर अभ्यास से इसे दूर किया जा सकता है। अभी भी परीक्षा के लिए बहुत समय है”। उन्होंने छात्रों को ‘पीवाईक्यू’ (Previous Year Questions) हल करने और सेमेस्टर-8 के मुख्य बिंदुओं पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी ताकि वे परीक्षा के पैटर्न को गहराई से समझ सकें।

अनुशासन और निरंतर अभ्यास ही एकमात्र मार्ग: सुश्री अमृता सिंह

डाइट (DIET) की प्राचार्य सुश्री अमृता सिंह ने विद्यार्थियों को सफलता के लिए अनुशासन और निरंतरता का पाठ पढ़ाया। उन्होंने कहा कि सफलता केवल बौद्धिक क्षमता से नहीं, बल्कि कठिन परिस्थितियों के बीच डटकर खड़े रहने और लगातार अभ्यास करने से मिलती है। उन्होंने प्रेरणादायक पुस्तकों के अध्ययन और शिक्षकों से नियमित मार्गदर्शन लेने की भी सलाह दी।

‘ज्यादा लिखना, ज्यादा पाना’ के सूत्र पर करें अमल: अभिषेक कुमार तिवारी

सत्र के अंत में शिक्षक अभिषेक कुमार तिवारी ने व्यावहारिक सुझाव देते हुए कहा कि सिलेबस बड़ा है, इसलिए छात्रों को योजनाबद्ध तरीके से प्रत्येक टॉपिक को समझना होगा। उन्होंने छात्रों को लेखन के प्रति जागरूक करते हुए “ज्यादा लिखना, ज्यादा पाना” (Write more, get more) का मंत्र दिया। उन्होंने सलाह दी कि छात्र कठिन टॉपिक्स को रटने के बजाय उन्हें लिखकर याद करने की कोशिश करें, जिससे उनकी लेखन शैली में सुधार होगा और परीक्षा में अंक भी बढ़ेंगे।
इस ऑनलाइन सत्र में सतबरवा, लोहड़ा, लेस्लीगंज, हरिहरगंज, तरहसी, पांडु प्रखंड के विद्यार्थियों अनुराग चौहान, रोहित कुमार, श्याम गुप्ता नंदनी कुमारी, सना आफरीन, चांदनी प्रवीण, जय हिंद कुमार , सोनी कुमारी,सहित कई विद्यार्थियों ने भाग लिया और अपने सवालों को अतिथि के समक्ष रखा एवं उनके उत्तर जाना। कार्यक्रम में सत्य प्रकाश शर्मा, राम रक्षा प्रसाद, अविनाश चौधरी , अमरेश सिंह,नीरज द्विवेदी, अभिषेक दुबे
वोरेंद्र यादव, तपन चटर्जी,दिलीप प्रसाद, भीम यादव, मुकेश तिवारी, नरेंद्र राम, रवि रंजन कुमार और सुबोध कुमार नवनीत चौधरी सहित जिले के कई प्रतिष्ठित शिक्षक और शिक्षा प्रेमी मौजूद रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन बुनियादी विद्यालय पोलपोल के प्रधानाध्यापक दिनेश कुमार शुक्ला के मार्गदर्शन में हुआ।