वंदे मातरम् के 150 वर्ष पर विद्यालय में गूंजा राष्ट्रीय गीत, छात्रों ने एक स्वर में किया गायन
भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय गीत के महत्व को स्थापित करने हेतु विभागीय सचिव के निर्देश के आलोक में आज विद्यालय में सामूहिक राष्ट्रीय गीत गायन का आयोजन प्रार्थना सभा में किया गया जिसमें विद्यालय के सभी विद्यार्थियों शिक्षक और शिक्षिकाओं ने भाग लिया।
राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के इतिहास इसकी रचना पहली बार इसके गायन रविंद्र नाथ टैगोर जी के द्वारा और भारतीयों के दिल में एकता के साथ राष्ट्रीयता के भाव को पैदा करने के लिए इसके महत्व की चर्चा प्राचार्य मुन्ना प्रसाद कुशवाहा ने विद्यार्थियों के बीच किया।
श्री कुशवाहा ने विद्यार्थियों को बताया कि वंदे मातरम सिर्फ एक गाना नहीं है बल्कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम की आत्मा है। इस वर्ष 7 नवंबर 2025 को भारत के राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है। यह एक ऐसी रचना है जिसने स्वतंत्रता सेनानियों और राष्ट्र निर्माताओं की अनगिनत पीढ़ियों को प्रेरित किया है।
मौके पर विद्यालय के हेड गर्ल बाल संसद के प्रधानमंत्री सभी मंत्री सभी हाउस के कप्तान ने अपने-अपने हाउस का नेतृत्व किया और सभी विद्यार्थियों ने बड़े मनोभाव से इसका गायन किया।
मौके पर विद्यालय के मैनेजर ठाकुर सर सभी शिक्षक शिक्षिकाएं और शिक्षककेतर कर्मचारी शामिल हुए

