सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला: गिरफ्तारी के कारण लिखित में बताना जरूरी, उल्लंघन पर कार्रवाई
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने गिरफ्तारी को लेकर अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने कहा कि किसी व्यक्ति को गिरफ्तार करते समय उसे लिखित रूप में गिरफ्तारी के कारण बताना जरूरी है। ऐसा नहीं करने पर गिरफ्तारी असंवैधानिक और गैरकानूनी मानी जाएगी।
जस्टिस उज्जल भुइयां और जस्टिस अतुल एस. चंदुरकर की पीठ ने कहा कि गिरफ्तारी के कारण ऐसी भाषा में दिए जाने चाहिए, जिसे आरोपी समझ सके। अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि इस नियम का उल्लंघन करने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच की जाए।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर ऐसी गिरफ्तारी रद्द होने के बाद आरोपी को दोबारा गिरफ्तार करना हो, तो संबंधित मजिस्ट्रेट की अनुमति लेना जरूरी होगा। साथ ही, जांच किसी दूसरे अधिकारी को सौंपने के निर्देश भी दिए गए हैं।

