स्थाई निरोगी काया का जड़ है योग : अविनाश देव

आज अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस है, संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषणा के ग्यारह साल हो गए। ऋषि परंपरा के वाहक पूरा भारत आज योगमय है। पलामू जिला प्रशासन द्वारा आयोजित नीलांबर पीतांबर विश्वविद्यालय के प्रशाल में अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव में शामिल होकर योगा किया। शहर के गणमान्य लोगों के साथ प्रशासनिक अधिकारी व एन.पी.यू. के कुलपति भी शामिल रहे। हमने कहा भगवान बुद्ध के समय एशिया के अन्य देशों में योगा का विस्तार हुआ। आज एक बार पुनः भरत नेतृत्व कर रहा है, जब मेडिकल साइंस का दूर- दूर तक कोई बोलबाला नहीं था, शिक्षा के लिए गुरुकुलीय व्यवस्था थी तब ऋषियों द्वारा ईजाद तरीका योग था, और इसके जरिए ही इंसान स्वस्थ रहता था। जनसंख्या विस्फोट और नित्य नए सुख सुविधा के बढ़ते संसाधन उजड़ते जंगल दूषित होते पर्यावरण प्रकृति से छेड़छाड़ मौलिकता से दूर जाता जन जीवन ब्याधा बना दिया है। जब दवा बेअसर हो रहा है तब योग तन- मन को जोड़ रहा है। योग दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं!