सतबरवा जामा मस्जिद में मुकम्मल हुई तरावीह की नमाज

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सतबरवा जामा मस्जिद में मुकम्मल हुई तरावीह की नमाज

पलामू जिले मुख्यालय अंतर्गत सतबरवा प्रखंड में जामा मस्जिद सतबरवा में 11 में रमजान को खतम ए कुरान (तरावीह) की नमाज मुकम्मल हुई।
जामा मस्जिद के इमाम तौफीक आलम मिस्बाही ने बताया कि रमजान में रोजा रखने की बहुत ही फजीलत है ।इसलिए रमजान का एक भी रोजा किसी मजबूरी के नहीं छूटना चाहिए। उन्होंने कहा कि तरावीह पढ़ने का बहुत ही सवाब है। तरावी सुन्नते मोअक्कदा है । तरावीह की नमाज़ मर्द और औरत दोनों के लिए जरूरी है। जो लोग तरावीह की नमाज अदा करते हैं उनको पूरा कुरान पढ़ने का सवाब होता है। तरावीह खत्म के मौके पर मस्जिद में बच्चे बूढ़े बुजुर्ग काफी संख्या में लोग मौजूद थे । मो सैफुल्लाह के नेतृत्व में नमाजियों के बीच शिरनी तकसीम किया गया।माह-ए-रमजान और नमाजे तरावीह की अहमियत पर रोशनी डालते हुए कहा मौलाना मिस्बाही ने कहा कि अल्लाह ने रमजान में अपने बंदों के लिए काफी इनामात से नवाजता है। हालांकि बंदा भी ऐसा होना चाहिए जो अल्लाह के हुक्म की फरमाबरदारी करें। यह महीना मोमिनों के लिए अल्लाह का सबसे कीमती तोहफा है।
इस दौरान नमाजियों ने इमाम साहब से गले मिलते हुए फूल माला पहनाई। मस्जिद में मौजूद नमाजियों द्वारा देश की अमन चैन की दुआ मांगी गई। इस मौके पर अल हुसैन कमेटी के द्वारा मस्जिद के इमाम तौफीक आलम मिस्बाही को नजराना देकर नवाजा गया। इस मौके पर जामा मस्जिद के सदर नौशाद आलम, सेक्रेटरी सरफराज आलम,खजांची मोहम्मद अताउल्लाह, मो सैफुल्लाह, मोहम्मद अदनान अशरफ, शाहनवाज खान, मोजाहिद हुसैन, समीर आलम, मोहम्मद अनीस ,शमशाद खान, मो ईकलाख, सकलैन, तैमूर, मो लाडला, सुफियान, मुजफ्फर, ताहा, हसनैन, तमसीर, इत्यादि मौजूद थे।

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