सोनडीहा स्कूल में दुर्गापूजा के नोटिस पर बवाल, झारखंड छात्र मोर्चा ने जताया विरोध
सगमा के सोनडीहा पी एम श्री मध्य विद्यालय सोनडीहा दक्षिण में वर्षों से आयोजित होने वाली पारंपरिक दुर्गा पूजा को लेकर शिक्षा विभाग द्वारा जारी किए गए नोटिस पर झारखंड छात्र मोर्चा की गढ़वा जिला इकाई ने कड़ा विरोध जताया।
सोनडीहा मध्य विद्यालय में वर्षों से आयोजित होने वाली पारंपरिक दुर्गा पूजा को लेकर शिक्षा विभाग द्वारा जारी किए गए नोटिस पर अपनी आधिकारिक प्रतिक्रिया देते हुए झारखंड छात्र मोर्चा के जिला अध्यक्ष निशांत चतुर्वेदी ने कहा कि शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर विद्यालय परिसर में माँ दुर्गा की पूजा का आयोजन स्थानीय जनता की अगाध आस्था, समृद्ध संस्कृति और आपसी सामाजिक समरसता का प्रतीक है। उक्त विद्यालय परिसर में वर्षों से ग्रामीण जनता के सामूहिक सहयोग से पूरी तरह शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में यह पूजा संपन्न होती आ रही है और ऐसे पावन समय में जब पूरा जिला उत्सव के माहौल में डूबा है, शिक्षा विभाग द्वारा ऐन वक्त पर प्रधानाध्यापक को ऐसा दंडात्मक नोटिस जारी करना स्थानीय जनता की धार्मिक भावनाओं को गहरे रूप से आहत करने वाला कदम है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि संगठन प्रशासनिक और सरकारी नियमों का पूरा सम्मान करता है, परंतु शिक्षा विभाग के अधिकारियों को भी जनभावनाओं और स्थानीय परंपराओं के प्रति संवेदनशील होना चाहिए क्योंकि इस पारंपरिक आयोजन में स्थानीय ग्राम शिक्षा समिति, विद्यालय प्रबंधन समिति और क्षेत्र की आम जनता की पूर्ण सहमति के साथ सहभागिता शामिल है और पूजा समिति तथा विद्यालय प्रबंधन के आपसी समन्वय के कारण ही यह आयोजन हमेशा गैर-विद्यालय समय या आगामी पूजा की सरकारी छुट्टियों के दौरान होता आया है ।
झारखंड छात्र मोर्चा जिला प्रशासन से मांग करता है कि जिला शिक्षा अधीक्षक इस नोटिस पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए परंपरा के अनुसार शांतिपूर्ण ढंग से पूजा संपन्न कराने का मार्ग प्रशस्त करें और इस विधिक कमी को दूर करने के लिए संगठन का एक प्रतिनिधिमंडल शीघ्र ही माननीय उपायुक्त गढ़वा से मुलाकात कर एक मांग पत्र सौंपेगा ताकि सक्षम प्राधिकारी के स्तर से इस ऐतिहासिक आयोजन को अविलंब विशेष प्रशासनिक स्वीकृति दिलाई जा सके। साथ ही साथ सचेत करते हुए कहा कि यदि इस पावन पारंपरिक आयोजन में किसी भी प्रकार का अनुचित प्रशासनिक व्यवधान डाला गया या विद्यालय प्रबंधन पर कोई भी कार्रवाई की गई, तो झारखंड छात्र मोर्चा स्थानीय ग्रामीण जनता और छात्र शक्ति के साथ मिलकर चरणबद्ध एवं लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा जिसकी पूरी जिम्मेदारी शिक्षा विभाग की होगी।

