स्लग – गिरिडीह में सरदार पटेल जयंती समारोह, देश की एकता और अखंडता का लिया संकल्प

स्लग – गिरिडीह में सरदार पटेल जयंती समारोह, देश की एकता और अखंडता का लिया संकल्प

एंकर – गिरिडीह में भारत रत्न लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। पटेल जयंती समारोह समिति की ओर से सिहोडीह स्थित कुशवाहा छात्रावास में समारोह का आयोजन किया गया। इस दौरान वक्ताओं ने सरदार पटेल के संघर्ष, उनके योगदान और देश की एकता एवं अखंडता को मजबूत बनाने में उनकी ऐतिहासिक भूमिका को याद किया।

वीओ 1 – कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा ओबीसी मोर्चा के प्रदेश प्रवक्ता प्रोफेसर अर्जुन प्रसाद वर्मा ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य इंजीनियर विनय कुमार सिंह शामिल हुए। उन्होंने समारोह का उद्घाटन किया। अपने संबोधन में विनय कुमार सिंह ने सरदार पटेल के जीवन और स्वतंत्रता आंदोलन में उनके योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला।

वीओ 2 – उन्होंने बताया कि 1918 में खेड़ा सत्याग्रह और 1928 में बारडोली किसान आंदोलन के जरिए सरदार पटेल ने किसानों के अधिकारों के लिए अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ संघर्ष किया। बारडोली आंदोलन में उनके नेतृत्व से प्रभावित होकर महिलाओं ने उन्हें ‘सरदार’ की उपाधि दी थी। वहीं, आजादी के बाद देश की लगभग 560 रियासतों का भारतीय संघ में विलय कराकर उन्होंने राष्ट्रीय एकता और अखंडता को मजबूत करने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई।

वीओ 3 – समारोह में मौजूद अन्य वक्ताओं ने भी सरदार पटेल के आदर्शों और विचारों को अपने जीवन में अपनाने की अपील की। इस अवसर पर प्रिंसिपल नीलकंठ महतो, मुन्ना कुशवाहा, डॉ. शशि भूषण प्रसाद, प्रोफेसर कपिल देव महतो, सुरेंद्र कुशवाहा, दीपक वर्मा, राजेंद्र महतो, पवन वर्मा और बुधन शाह समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन कुशवाहा संघ के जिला महामंत्री ओमप्रकाश महतो ने किया। अंत में सभी ने सरदार पटेल को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए देश की एकता और अखंडता बनाए रखने का संकल्प लिया।