SIR पर DC रामनिवास यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस, 18.37 लाख मतदाताओं वाली सूची पर प्रशासन की नजर; 19 अक्टूबर को होगा अंतिम प्रकाशन

SIR पर DC रामनिवास यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस, 18.36 लाख मतदाताओं वाली सूची पर प्रशासन की नजर; 19 अक्टूबर को होगा अंतिम प्रकाशन

गिरिडीह। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर मंगलवार को जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त रामनिवास यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जिले में चल रहे पुनरीक्षण कार्य की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने दावा-आपत्ति, नए नाम जोड़ने, नाम हटाने और मतदाता विवरण में संशोधन की प्रक्रिया से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं को साझा किया।

उपायुक्त ने बताया कि गिरिडीह जिले के छह विधानसभा क्षेत्रों में कुल 2,586 मतदान केंद्र हैं, जहां 18,36,997 मतदाता पंजीकृत हैं। इनमें 9,47,355 पुरुष, 8,89,618 महिला और 24 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि 6 अगस्त से 14 सितंबर तक मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए प्रपत्र-6 के माध्यम से 39,458 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें 1,230 आवेदन प्रक्रियाधीन हैं, जबकि इस अवधि में किसी आवेदन को अस्वीकृत नहीं किया गया है।

विधानसभा क्षेत्रवार आंकड़ों के अनुसार धनवार में 6,423, बगोदर में 10,404, जमुआ में 5,455, गांडेय में 5,369, गिरिडीह में 4,976 और डुमरी में 6,831 आवेदन प्राप्त हुए हैं।

उपायुक्त ने बताया कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए प्रपत्र-6, नियमानुसार नाम विलोपन के लिए प्रपत्र-7 तथा नाम, पता अथवा अन्य विवरण में संशोधन के लिए प्रपत्र-8 का इस्तेमाल किया जाता है। सभी आवेदनों का आवश्यक जांच-पड़ताल के बाद नियमानुसार निस्तारण किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि 1 अक्टूबर 2026 तक 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले पात्र नागरिक भी प्रपत्र-6 के माध्यम से मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं। वहीं, मतदान केंद्र से संबंधित आवश्यक बदलाव के लिए प्रपत्र-8 के माध्यम से अनुरोध किया जा सकता है।

उपायुक्त रामनिवास यादव ने जिलेवासियों से SIR को लेकर फैल रही किसी भी अफवाह, भ्रम या अपुष्ट सूचना पर ध्यान नहीं देने की अपील की। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची से संबंधित जानकारी के लिए नागरिक अपने संबंधित BLO से संपर्क करें और केवल अधिकृत माध्यमों से प्राप्त जानकारी पर भरोसा करें।

निर्वाचन विभाग के संशोधित कार्यक्रम के अनुसार प्राप्त दावों एवं आपत्तियों का नियमानुसार परीक्षण और निस्तारण किया जाएगा। इसके बाद 19 अक्टूबर 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा। प्रशासन ने मतदाता सूची की पारदर्शिता, निष्पक्षता और शुचिता बनाए रखने की बात कही है।