शारदीय नवरात्रि में भक्तिमय हुआ वातावरण, कलश यात्रा के साथ शुरू हुई शारदीय नवरात्रि
धुरकी या देवी सर्वभूतेषु शक्ति रूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।धुरकी प्रखंड के सुदूरवर्ती गांवों व टोले में शारदीय नवरात्र पूजा सोमवार को कलश यात्रा के साथ शुरू हुई। जो भक्तगण नदी व झरनों से जल उठाकर कलश स्थापना की कामना करते हुए जय माता दी के नारे से पूरा क्षेत्र गुंजे मान हो गया। वहीं विधिवत मंत्र उच्चारण द्वारा कलश स्थापना की गई। शारदीय नवरात्रि 2025 के पहले दिन की पूजा माता शैलपुत्री के स्वरूप की होती है।
माता शैलपुत्री नवरात्रि की पहली देवी हैं—वे शक्ति, साहस एवं स्थिरता का प्रतीक मानी जाती हैं।
घटस्थापना से देवी दुर्गा का आह्वान माना जाता है, जिससे घर में सकारात्मक ऊर्जा स्थापित होती है।
इस दिन पूजा‑उपासना और व्रत करने से जीवन में सौभाग्य, शांति, समृद्धि की प्राप्ति होती है। जिनके जीवन में चंद्र दोष या मानसिक अशांति हो, उन्हें विशेष लाभ की संभावना होती है।
आपको बता दें नवरात्रि पूजा से लेकर विजयदशमी तक जगह-जगह चलचित्र वह रामायण महाभारत के सीरियल सहित रामलीला का आयोजन बड़े धुमधाम से दिखाया जाता है पूरे क्षेत्र में भक्ति में सराबोर है।

