सड़क सुरक्षा माह: एम.के. डी.ए.वी. स्कूल में चालकों को दिलाई गई सुरक्षा शपथ

सड़क सुरक्षा माह का आयोजन: एम.के. डी.ए.वी. पब्लिक स्कूल, डाल्टनगंज में सुरक्षित और जिम्मेदार यातायात का संदेश
डाल्टनगंज स्थित एम.के. डी.ए.वी. पब्लिक स्कूल में सड़क सुरक्षा माह (1 जनवरी से 31 जनवरी) के अवसर पर आज एक उद्देश्यपूर्ण सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम सड़क उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा एवं कल्याण के प्रति विद्यालय की प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करता है।
कार्यक्रम का आयोजन मोटर वाहन निरीक्षक श्री नितेश कुमार गुप्ता की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ, जिनके अनुभव और मार्गदर्शन ने कार्यक्रम को सार्थकता प्रदान की। विद्यालय के सभी चालक एवं परिचालक इस सत्र में शामिल हुए, जिससे सुरक्षित दैनिक आवागमन की सामूहिक जिम्मेदारी को बल मिला।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय की माननीय प्राचार्या श्रीमती इंद्राणी चटर्जी द्वारा अतिथि का पौधा भेंट कर स्वागत करने के साथ हुआ। यह पौधा जीवन, देखभाल और सुरक्षित भविष्य के पोषण का प्रतीक रहा। अपने संबोधन में प्राचार्या महोदया ने कहा कि चालक और परिचालक केवल वाहन संचालक नहीं, बल्कि मानव जीवन के संरक्षक होते हैं। सड़क पर लिया गया हर सतर्क निर्णय, नियमों का पालन और धैर्यपूर्ण व्यवहार अनगिनत परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित करता है तथा सड़क सुरक्षा की संस्कृति को मजबूत करता है।
मोटर वाहन निरीक्षक श्री नितेश कुमार गुप्ता ने चालकों एवं परिचालकों के साथ संवादात्मक एवं ज्ञानवर्धक चर्चा की। उन्होंने उनकी समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना, सड़क पर आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों को समझा और यातायात नियमों, सुरक्षित ड्राइविंग तथा नैतिक आचरण से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियाँ साझा कीं। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल कानून से नहीं, बल्कि जागरूकता, संवेदनशीलता और आत्मअनुशासन से संभव है।
इस अवसर पर प्राचार्या ने पुनः दोहराया कि सच्ची पेशेवरता गति से अधिक सुरक्षा और सुविधा से अधिक जिम्मेदारी को चुनने में है। उन्होंने चालकों एवं परिचालकों से सड़क सुरक्षा के दूत बनने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का समापन मोटर वाहन निरीक्षक द्वारा सड़क सुरक्षा शपथ दिलाकर किया गया, जिसमें सभी उपस्थितजनों ने यातायात नियमों का पालन करने, सतर्क वाहन संचालन करने तथा सुरक्षित सड़कों के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया। यह आयोजन इस संदेश के साथ संपन्न हुआ कि जागरूकता और जिम्मेदारी से ही सड़कें विश्वास, सुरक्षा और सम्मान की जीवनरेखाएँ बन सकती हैं।

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