सड़क-पेयजल की बदहाली से परेशान डिपाटोली के ग्रामीण, प्रशासन से लगाई गुहार

सड़क-पेयजल की समस्या से जूझ रहा डिपाटोली गांव, बुनियादी सुविधाओं के लिए ग्रामीणों ने लगाई प्रशासन से गुहार

गुमला। रायडीह प्रखंड के सुदूरवर्ती कोब्जा क्षेत्र स्थित डिपाटोली गांव आज भी बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रहा है। गांव में सड़क और पेयजल की समस्या ने ग्रामीणों की परेशानी बढ़ा दी है। बेहतर सड़क के अभाव में जहां आवागमन प्रभावित है, वहीं पेयजल की समुचित व्यवस्था नहीं होने से ग्रामीणों को पानी के लिए काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि समस्या को लेकर कई बार संबंधित अधिकारियों को जानकारी दी गई, लेकिन अब तक स्थायी समाधान की दिशा में ठोस पहल नहीं हो सकी है।

सड़क नहीं होने से आवागमन में परेशानी

ग्रामीणों के अनुसार डिपाटोली गांव तक पहुंचने के लिए बेहतर सड़क का अभाव लंबे समय से बना हुआ है। बरसात के दिनों में स्थिति और भी खराब हो जाती है। सड़क की स्थिति खराब रहने के कारण ग्रामीणों को आने-जाने में परेशानी होती है। आवश्यक कार्यों के लिए प्रखंड मुख्यालय या अन्य स्थानों तक पहुंचने में भी उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की समस्या केवल आवागमन तक सीमित नहीं है, बल्कि आपात स्थिति में मरीजों को अस्पताल पहुंचाने और अन्य जरूरी सेवाओं तक पहुंच बनाने में भी परेशानी खड़ी करती है।

बोरिंग हुई, लेकिन नहीं मिला पानी; चापाकल भी खराब

गांव में पेयजल की समस्या भी गंभीर बनी हुई है। ग्रामीणों ने बताया कि कुछ समय पूर्व गुमला विधायक भूषण तिर्की की पहल पर गांव में बोरिंग कराया गया था, लेकिन बोरिंग सफल नहीं हो सका। इसके कारण ग्रामीणों को इसका लाभ नहीं मिल पाया।

वहीं गांव में लगा चापाकल भी लंबे समय से खराब पड़ा है। ग्रामीणों का कहना है कि चापाकल की मरम्मत कराने के लिए कई बार संबंधित लोगों से आग्रह किया गया, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ। ऐसे में ग्रामीणों को पेयजल के लिए वैकल्पिक स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।

समाजसेवियों ने गांव पहुंचकर सुनी ग्रामीणों की समस्याएं

डिपाटोली गांव की समस्याओं की जानकारी मिलने पर युवा समाजसेवी कमल किशोर किसान और झारखंड मुक्ति मोर्चा के सक्रिय सदस्य बसंत केरकेट्टा गांव पहुंचे। दोनों ने ग्रामीणों से मुलाकात कर सड़क, पेयजल और खराब चापाकल सहित अन्य समस्याओं की जानकारी ली। ग्रामीणों ने अपनी परेशानियों को विस्तार से उनके समक्ष रखा।

कमल किशोर किसान और बसंत केरकेट्टा ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं को संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा और समाधान के लिए आवश्यक पहल की जाएगी। उन्होंने कहा कि दूरदराज के गांवों में रहने वाले लोगों को भी सड़क, पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं मिलना उनका अधिकार है।

मंगलवार को जनता दरबार में सौंपेंगे सामूहिक आवेदन

ग्रामीणों ने बताया कि गांव की समस्याओं को लेकर अब आगामी मंगलवार को सामूहिक रूप से गुमला उपायुक्त के जनता दरबार में लिखित आवेदन सौंपा जाएगा। आवेदन के माध्यम से ग्रामीण गांव तक बेहतर सड़क निर्माण कराने, लंबे समय से खराब पड़े चापाकल की तत्काल मरम्मत कराने तथा पेयजल की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित कराने की मांग करेंगे।

ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से चली आ रही इन समस्याओं के कारण उन्हें रोजमर्रा की जिंदगी में काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि जनता दरबार में मामला पहुंचने के बाद प्रशासन समस्या को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभाग के माध्यम से आवश्यक कार्रवाई करेगा।

ग्रामीणों को समाधान की उम्मीद

डिपाटोली के ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि गांव का स्थल निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति का जायजा लिया जाए और सड़क तथा पेयजल की समस्या के स्थायी समाधान के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि केवल आश्वासन से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि धरातल पर काम शुरू कराने की आवश्यकता है।

ग्रामीणों को अब उम्मीद है कि उपायुक्त के जनता दरबार में सामूहिक आवेदन दिए जाने के बाद उनकी वर्षों पुरानी समस्याओं पर सुनवाई होगी और डिपाटोली गांव में सड़क तथा पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में प्रशासनिक पहल शुरू होगी।

मौके पर कमल किशोर किसान, बसंत केरकेट्टा, संजय केरकेट्टा सहित किसुन खड़िया, कृष्णा खड़िया, विश्वनाथ खड़िया, मोहन खड़िया, बिरसु खड़िया, बंधनु खड़िया, अघनु खड़िया, सोमरा खड़िया, कलिंदर खड़िया, सुरेंद्र खड़िया समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।