पर्यटन के साथ सामाजिक जिम्मेदारी: नेतरहाट में चला व्यापक स्वच्छता अभियान, प्राकृतिक धरोहर को संजोने की पहल
पर्यटन के साथ सामाजिक जिम्मेदारी: नेतरहाट में चला व्यापक स्वच्छता अभियान, प्राकृतिक धरोहर को संजोने की पहल
महुआडांड़ पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक धरोहर की रक्षा को लेकर छह जनवरी को झारखंड की प्रसिद्ध पहाड़ी नगरी नेतरहाट में एक सराहनीय पहल देखने को मिली। लातेहार टूरिज्म (रजि.) के आह्वान पर नेतरहाट होटल ओनर एसोसिएशन, स्थानीय नागरिकों और पर्यटन से जुड़े लोगों ने मिलकर पर्यटन स्थलों की सामूहिक सफाई का बीड़ा उठाया।अभियान के दौरान सनराइज प्वाइंट, नेतरहाट डैम, कोयल व्यू प्वाइंट, अपर घाघरी जलप्रपात सहित अन्य प्रमुख पर्यटन स्थलों पर फैले प्लास्टिक कचरे, खाली बोतलों, पॉलिथीन और अन्य अपशिष्ट को हटाया गया। बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों ने हाथों में दस्ताने और बोरे लेकर सफाई अभियान में हिस्सा लिया, जिससे कई स्थानों पर जमा गंदगी को पूरी तरह साफ किया जा सका।लातेहार टूरिज्म के गोविंद पाठक ने कहा कि नेतरहाटवासियों ने यह सिद्ध कर दिया है कि पर्यटन केवल भीड़ और व्यापार का माध्यम नहीं है, बल्कि इसके साथ नैतिक जिम्मेदारी और पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता भी जुड़ी होती है। उन्होंने कहा कि नेतरहाट में चलाया गया यह स्वच्छता अभियान प्राकृतिक धरोहर को संजोने की दिशा में एक सार्थक और प्रेरणादायी प्रयास है, जो अन्य पर्यटन स्थलों के लिए भी उदाहरण बन सकता है।इस स्वच्छता अभियान में झारखंड पुलिस के होम गार्ड जवानों ने भी सक्रिय भूमिका निभाई। इसके अलावा पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोग, समाजसेवी संगठन और स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में अभियान में शामिल हुए। सफाई के साथ-साथ पर्यटकों और स्थानीय लोगों को स्वच्छता बनाए रखने, प्लास्टिक का कम उपयोग करने और प्रकृति संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया।इस अवसर पर लातेहार पर्यटन विशेषज्ञ अभिजीत कुमार, समाजसेवी अजय प्रसाद, नेतरहाट होटल ओनर एसोसिएशन के सदस्य तथा होम गार्ड के जवान स्वयं मैदान में उतरकर सफाई कार्य में जुटे रहे। सभी ने मिलकर यह संदेश दिया कि यदि स्थानीय समाज और प्रशासन मिलकर प्रयास करें, तो पर्यटन स्थलों को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखना संभव है।स्थानीय पर्यटन व्यवसायियों ने कहा कि नेतरहाट की पहचान उसकी हरियाली, शांति और स्वच्छ वातावरण से है। यदि इन मूल तत्वों की अनदेखी की गई, तो भविष्य में पर्यटन परप्रतिकूल असर पड़ सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि स्वच्छ और सुव्यवस्थित पर्यटन स्थल न केवल पर्यटकों को बेहतर और सुखद अनुभव प्रदान करते हैं, बल्कि लातेहार जिले की प्रतिष्ठा, विश्वास और पर्यटन संभावनाओं को भी मजबूत करते हैं।स्वच्छता अभियान के माध्यम से यह संदेश साफ तौर पर दिया गया कि प्राकृतिक सौंदर्य की रक्षा करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है और सतत पर्यटन ही क्षेत्र के विकास का सही मार्ग है।

