पलायन एक बार फिर जानलेवा हुआ साबित ,खाला

रोजगार के अभाव के कारण बड़ी संख्या में लोग पलायन करने को मजबूर हैं,

धुरकी प्रखंड अंतर्गत खाला गांव निवासी 37 वर्षीय साहीद अंसारी का पलायन एक बार फिर जानलेवा साबित हुआ। रोज़गार की तलाश में गुजरात के सूरत शहर गए साहीद अंसारी की वहां संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। जैसे ही यह दुखद खबर गांव पहुंची, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार साहीद अंसारी कुछ महीने पहले ही काम की तलाश में सूरत काम करने गया था। वे वहां फैक्ट्री में मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहा था। अचानक उनकी तबीयत बिगड़ने की सूचना साथ काम करने वाले मजदूरों ने दी। बाद में परिजनों को बताया गया कि इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।साहीत अंसारी अपने परिवार के मुख्य कमाऊ सदस्य था। उनके असमय निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि छोटे बच्चे पिता के इंतजार में बेसुध हैं। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण परिजनों के सामने अब रोज़ी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।घटना की जानकारी मिलने के बाद गांव के सामाजिक कार्यकर्ताओं ने शोक व्यक्त किया और सरकार से पीड़ित परिवार को मुआवजा एवं सहायता देने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में रोजगार के अभाव के कारण बड़ी संख्या में लोग पलायन करने को मजबूर हैं, जहां वे असुरक्षित परिस्थितियों में काम करते हैं।
यह घटना एक बार फिर पलायन की गंभीर समस्या को उजागर करती है। यदि स्थानीय स्तर पर रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध होते, तो शायद साहीद अंसारी को अपना घर छोड़कर बाहर न जाना पड़ता। प्रशासन से मांग की जा रही है कि मृतक के शव को गांव लाने और परिवार को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाए।