पांकी में अवैध ईंट भट्ठों का बोलबाला, राजस्व को लग रहा लाखों का चूना
पांकी में अवैध ईंट भट्ठों का बोलबाला, राजस्व को लग रहा लाखों का चूना
पलामू जिले अंतर्गत पांकी प्रखंड के बनखेता, माड़न एवं केरकी समेत अन्य गांव में इन दिनों कई दर्जन अवैध बांग्ला ईंट भट्ठों का कारोबार धड़ल्ले से फल-फूल रहा है। बांग्ला ईंट भट्ठा लगाने की अनुमति निजी काम की शर्त पर दिया जाता है, एवं इसके लिए जिला खनन विभाग से आदेश लेना पड़ता है लेकिन पांकी प्रखंड क्षेत्र में इसका व्यापक पैमाने पर व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है इससे सरकार को राजस्व का घाटा हो रहा है साथ ही ईंटों को पकाने के दौरान निकल रहे धुएं से प्रदूषण का भी खतरा बढ़ा है वहीं नदियों का दोहन भी हो रहा है, ईंट भट्ठा लगाने के लिए आसपास की नदियों से अवैध रूप से बालू का भी उठाव हो रहा है वहीं ईंट पकाने के लिए जंगलों से पेड़ों की कटाई भी हो रही है।
जिसका ताजा उदाहरण संगलदीपा पंचायत के चांपी गांव स्थित बनखेता टोला में देखने को मिला यहां दर्जनों अवैध ईंट भट्ठे संचालित किए जा रहे हैं कुछ ईंट भट्ठे घनी बस्ती के बीच लगाए गए हैं वहीं कुछ सरकारी विद्यालय से महज कुछ ही दूरी पर लगा दिए हैं गए हैं जिससे स्कूली बच्चों समेत ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
नाम नहीं बताने की शर्त पर स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि
अवैध भट्ठों के संचालन के साथ-साथ मजदूरों के शोषण की बातें भी सामने आई है बताया जा रहा है कि इन भट्ठों पर काम करने वाले मजदूरों को उनका उचित पारिश्रमिक नहीं दिया जा रहा है। कई मामलों में काम कराने के बाद भुगतान न करने की भी सूचना मिली है।
बिना किसी मानक और अनुमति के चल रहे ये भट्ठे पर्यावरण के लिए भी गंभीर खतरा पैदा कर रहे हैं। चारों ओर बिखरी मिट्टी और धुएं से स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र प्रभावित हो रहा है।
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है।

