ओबीसी एकता अधिकार मंच के केंद्रीय अध्यक्ष ब्रह्मदेव प्रसाद ने कहा है कि ओबीसी एकता अधिकार मंच राज्य की सभी 81 सीटों पर विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी में है

0
110f16c3-ff28-46ed-bb00-432429252f69

रांची : ओबीसी एकता अधिकार मंच के केंद्रीय अध्यक्ष ब्रह्मदेव प्रसाद ने कहा है कि ओबीसी एकता अधिकार मंच राज्य की सभी 81 सीटों पर विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी में है. हमारा राज्य ओबीसी बहुल है. इसलिए स्वाभाविक रूप से हम राजनीति में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करेंगे. उन्होंने कहा कि जहां अनारक्षित सीट होगी वहां हम ओबीसी प्रत्याशी देने की तैयारी करेंगे. इसके अलावा जहां आरक्षित सीट है, वहां हम ओबीसी एकता अधिकार मंच के समर्थित प्रत्याशियों को टिकट देने का काम करेंगे. इस संबंध में श्री प्रसाद ने शनिवार को एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया है.
श्री प्रसाद ने कहा कि झारखंड में यह लंबे समय से यह प्रोपगेंडा फैलाया गया कि झारखंड आदिवासी बहुल राज्य है. उन्होंने दावा किया कि पलामू प्रमंडल में 11 सीटों पर हमारे प्रत्याशी मजबूती से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि पलामू प्रमंडल और उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल और रांची सहित कई अन्य जिलों में ओबीसी की आबादी करीब 65 प्रतिशत है. पूरे राज्य के अन्य हिस्सों में हमारी आबादी करीब 52-53 प्रतिशत है. हम ओबीसी समाज के हक-अधिकार के लिए कृत संकल्पित हैं. इससे हमें कोई डिगा नहीं सकता. अब ओबीसी समाज राजनीति में प्रमुख रूप से अपनी सहभागिता निभाएगा, क्योंकि हमारे समाज के बिना राज्य में सरकार नहीं बन सकती.
उन्होंने कहा कि 2020 से लटक रहे नगर निकाय चुनाव को टालने का राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही है. झारखंड हाईकोर्ट में बार-बार सरकार को फटकार पड़ रही है. इसके बावजूद सरकार कोई न कोई बहाने बनाकर चुनाव से पल्ला झाड़ना चाह रही है. इससे सरकार की मंशा का पता चलता है. उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार ओबीसी को समुचित आरक्षण देने की वकालत करती है वहीं दूसरी ओर कोर्ट में निकाय चुनाव को रोकने पर भी आमादा है. उन्होंने कहा कि सरकार ने जनवरी में राज्य में एक साथ सभी नगर निकायों का चुनाव कराने का निर्णय लिया था, जिसकी तैयारी फरवरी 2023 में लगभग पूरी हो चुकी थी. ऐन वक्त पर पदों के चक्रीय आरक्षण के मुद्दे पर पेंच फंसने के बाद इसे अनिश्चितकाल के लिए टाल दिया गया. उन्होंने कहा कि सरकार ओबीसी आरक्षण को लेकर सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए ट्रिपल टेस्ट कराने के मुद्दे पर इसे टालती रही है. उन्होंने कहा कि सरकार का कोर्ट में यह कहना कि राज्य निर्वाचन आयुक्त का पद रिक्त है, यह कितना हास्यास्पद है. उन्होंने सवाल उठाया कि आयुक्त का पद खाली है तो, इसकी जवाबदेही किसकी है? सरकार इतने दिनों से क्या कर रही है? उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि कोर्ट के आदेश को सरकार नजरअंदाज नहीं करे और जल्द से जल्द निकाय चुनाव की प्रक्रिया शुरू करे. उन्होंने कहा कि ओबीसी एकता अधिकार मंच नगर निकाय के चुनाव में भी बढ़चढ़ कर भाग लेगा. नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायत के चुनाव में जनसंख्या के अनुपात में हमारी सहभागिता होगी. महिलाओं को इस चुनाव में 33 प्रतिशत हिस्सेदारी देने पर विचार किया जा रहा है। मौके पर उपस्थित श्रवण कुमार केंद्रीय महासचिव, राकेश कुमार, पंकज साहू , पंचु साहू, नवजीवन यादव , हरिनारायण प्रसाद, हिमालय कुमार , शुभम् प्रसाद एंव् अन्य लोग उपस्थित थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *