नगर भवन में पंचायत उन्नति सूचकांक पर जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित.

● नगर भवन में पंचायत उन्नति सूचकांक पर जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित.

● उक्त कार्यशाला का उद्घाटन उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता, अनुमंडल पदाधिकारी, गिरिडीह, अनुमंडल पदाधिकारी, खोरीमहुआ, निदेशक, डीआरडीए, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, जिला पंचायती राज पदाधिकारी समेत अन्य पदाधिकारियों ने दीप प्रज्वलित कर किया.

● यह पहल न केवल पंचायतों की कार्यकुशलता बढ़ाएगी, बल्कि ग्रामवासियों के जीवन स्तर को भी सुदृढ़ बनाएगी:- उप विकास आयुक्त, श्रीमती स्मृता कुमारी.

गिरिडीह, 13 अगस्त 2025:- जिला उपायुक्त, श्री रामनिवास यादव के निर्देशानुसार आज नगर भवन में पंचायत उन्नति सूचकांक (PAI) विषय पर जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। उक्त कार्यशाला का उद्घाटन उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता, अनुमंडल पदाधिकारी, गिरिडीह, अनुमंडल पदाधिकारी, खोरीमहुआ, निदेशक, डीआरडीए, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, जिला पंचायती राज पदाधिकारी समेत अन्य पदाधिकारियों के द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। उक्त अवसर पर उप विकास आयुक्त, श्रीमती स्मृता कुमारी ने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य पंचायत स्तर पर उन्नति और कार्यों में सुधार के लिए अधिकारियों को प्रोत्साहित करना था। आगे उन्होंने कहा कि पंचायत उन्नति सूचकांक एक परिवर्तनकारी उपकरण है जो देशभर की 2.5 लाख से अधिक ग्राम पंचायतों की प्रगति को मापने के लिए तैयार किया गया है। यह सूचकांक स्थानीयकृत सतत विकास लक्ष्य (LSDG) के तहत नौ प्रमुख विषयों पर पंचायतों के प्रदर्शन को आंकता है जैसे गरीबी मुक्त और आजीविका उन्नत पंचायत, स्वस्थ पंचायत, बाल-अनुकूल पंचायत, जल-पर्याप्त पंचायत, स्वच्छ एवं हरित पंचायत, आत्मनिर्भर बुनियादी ढांचा, सामाजिक रूप से न्यायसंगत और सुरक्षित पंचायत, सुशासन युक्त पंचायत तथा महिला हितैषी पंचायत। पंचायतों के समुचित मूल्यांकन हेतु पीएआई पोर्टल पर समय पर और सटीक डाटा अपलोड किया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा, “यदि पंचायतों का कार्य अच्छा भी है, लेकिन पोर्टल पर दस्तावेज़ीकरण नहीं है, तो रैंकिंग में वे पीछे रह सकती हैं।” उन्होंने कहा कि पंचायत उन्नति सूचकांक ग्रामीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। जिसके माध्यम से प्रत्येक पंचायत के विभिन्न विकास सूचकों—जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, स्वच्छता, पोषण, कृषि, महिला सशक्तिकरण एवं आधारभूत संरचना—के प्रदर्शन का मूल्यांकन किया जाएगा। इस सूचकांक के आधार पर पंचायतों की रैंकिंग निर्धारित की जाएगी और कमज़ोर क्षेत्रों में प्राथमिकता के साथ सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।।

उप विकास आयुक्त ने सभी प्रखंड व पंचायत स्तरीय पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में विकास कार्यों की सटीक जानकारी समय पर दर्ज करें तथा पंचायत उन्नति सूचकांक को सुधारने के लिए सामूहिक प्रयास करें। उन्होंने कहा कि यह पहल न केवल पंचायतों की कार्यकुशलता बढ़ाएगी, बल्कि ग्रामवासियों के जीवन स्तर को भी सुदृढ़ बनाएगी। इस दौरान पंचायत उन्नति सूचकांक में बेहतर प्रदर्शन करने वाले बीडीओ,सीओ एवं पंचायत के मुखिया को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।