नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय के खिलाफ छात्रों का जोरदार विरोध प्रदर्शन
नीलांबर पीतांबर विश्वविद्यालय में छात्रों का विरोध प्रदर्शन
मेदिनीनगर: ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) के बैनर तले नीलांबर पीतांबर विश्वविद्यालय (एनपीयू) में छात्रों ने विभिन्न मांगों को लेकर एक जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन के सामने किया गया, जिसमें छात्र-छात्राओं ने अपनी समस्याओं को लेकर तीखे नारे लगाए।
मुख्य मांगें
छात्रों ने जिन प्रमुख मुद्दों को उठाया, वे इस प्रकार हैं:
- अनियमित सत्र और परीक्षा परिणाम में गड़बड़ी: छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय का सत्र बहुत देर से चल रहा है, जिससे उनका बहुमूल्य समय बर्बाद हो रहा है और उनके भविष्य पर बुरा असर पड़ रहा है। इसके साथ ही परीक्षा परिणामों में भी लगातार गड़बड़ी हो रही है।
- पीएचडी में नामांकन: पीएचडी एंट्रेंस एग्जाम पास करने के बाद भी छात्रों का नामांकन नहीं लिया जा रहा है, जिससे उनके उच्च शिक्षा के सपने अधूरे रह रहे हैं।
- जीएलए कॉलेज में सीटों की बढ़ोतरी: छात्रों ने जीएलए कॉलेज में सीटों की संख्या बढ़ाने की मांग की, ताकि अधिक से अधिक छात्र-छात्राओं को नामांकन मिल सके। वर्तमान में कम सीटों के कारण कई छात्र शिक्षा से वंचित रह जाते हैं।
- गर्ल्स हॉस्टल और पुस्तकालय की शुरुआत: जीएलए कॉलेज का गर्ल्स हॉस्टल वर्षों से बंद पड़ा है और खंडहर में तब्दील हो रहा है। साथ ही पुस्तकालय की सुविधाएं भी नहीं मिल रही हैं, जिससे छात्रों को पढ़ाई में परेशानी हो रही है।
आइसा के जिला सचिव गौतम दांगी के नेतृत्व में जीएलए कॉलेज परिसर से विरोध मार्च शुरू हुआ। छात्रों का यह मार्च विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन तक पहुंचा, जहाँ उन्होंने अपनी मांगों को लेकर जमकर नारेबाजी की।
आइसा जिला सचिव गौतम दांगी ने कहा कि पलामू प्रमंडल के छात्र विश्वविद्यालय की बदहाल व्यवस्था का खामियाजा भुगत रहे हैं। विश्वविद्यालय छात्रों के भविष्य को अंधकार में धकेल रहा है। सत्र का देर से चलना और पीएचडी में नामांकन न लेना छात्रों के सपनों को तोड़ रहा है।
जिलाध्यक्ष गुड्डू भुइयां ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय छात्रों को शिक्षा से वंचित करने की कोशिश कर रहा है। कॉलेजों में शिक्षकों और कर्मचारियों की भारी कमी है, जिससे शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने जीएलए कॉलेज के बंद पड़े गर्ल्स हॉस्टल पर भी चिंता जताई।
अंशु कुमार ने कहा जीएलए कॉलेज में सीटों की संख्या बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि अधिक से अधिक छात्रों को प्रवेश मिल सके।
कार्यक्रम में शामिल अन्य सदस्य
इस विरोध प्रदर्शन में आइसा के राज्य उपाध्यक्ष रंजीत कुमार सिंह, अभय सिंह दांगी, रोहित मेहता, विवेक मिश्रा, चंद्रकांती कुमारी, आनंद, जीएलए कॉलेज अध्यक्ष मंटू कुमार, रिशिरौषण कुमार ,प्रेम एवम प्रेमचंद कुमार, मृत्युंजय कुमार, सुमित कुमार सहित कई अन्य सदस्य भी शामिल थे, जिन्होंने छात्रों की मांगों का समर्थन किया। इन सभी ने विश्वविद्यालय प्रशासन से तत्काल इन मुद्दों पर ध्यान देने और समाधान निकालने की मांग की।

