महुआडांड़ में किसान जागरूकता शिविर, टपक सिंचाई और बागवानी अपनाने पर दिया गया जोर
महुआडांड़ में किसान जागरूकता शिविर, टपक सिंचाई और बागवानी अपनाने पर दिया गया जोर
महुआडांड़ (लातेहार)। किसानों को वैज्ञानिक एवं आधुनिक खेती से जोड़ने के उद्देश्य से एग्री क्लिनिक महुआडांड़ द्वारा नेतरहाट पंचायत के ग्राम होरेंगे में किसान जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में किसानों को कम पानी में अधिक उत्पादन देने वाली तकनीकों, मिट्टी जांच तथा उद्यान विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई। एग्री क्लिनिक के अधिकारी अबु रेहान अंसारी ने कहा कि जल संकट को देखते हुए किसानों को टपक सिंचाई प्रणाली अपनानी चाहिए, जिससे 50 से 60 प्रतिशत तक पानी की बचत होती है और उर्वरकों का उपयोग भी कम होता है। उन्होंने बताया कि यह तकनीक विशेष रूप से सब्जी एवं फल की खेती के लिए काफी लाभदायक है।
शिविर में किसानों को मिट्टी जांच के महत्व से भी अवगत कराया गया। अबु रेहान अंसारी ने कहा कि मिट्टी की जांच के आधार पर ही उर्वरकों का प्रयोग करने से उत्पादन बढ़ता है और खेती की लागत घटती है। उन्होंने कृषि विभाग की उद्यान योजनाओं के तहत स्ट्रॉबेरी, ड्रैगन फ्रूट, पपीता एवं केला की खेती पर मिलने वाले अनुदान की जानकारी देते हुए बताया कि नेतरहाट की जलवायु इन फसलों के लिए अनुकूल है। एग्री क्लिनिक के संजय पांडे ने किसानों को योजनाओं के आवेदन की प्रक्रिया समझाई। शिविर में नेतरहाट पंचायत के करीब 50 किसान उपस्थित रहे। अंत में अधिकारियों ने किसानों से पारंपरिक खेती के साथ आधुनिक तकनीकों को अपनाकर आय बढ़ाने का आह्वान किया।

