कनीय अभियंता के खिलाफ ग्रामीणों की नारेबाजी डीडीसी के नाम सौंपा आवेदन
कनीय अभियंता के खिलाफ ग्रामीणों की नारेबाजी डीडीसी के नाम सौंपा आवेदन
धुरकी प्रतिनिधि।। धुरकी प्रखंड कार्यालय में गुरुवार को खाला पंचायत के ग्रामीणों ने कनीय अभियंता विशाल कुमार के विरूद्ध जमकर नारेबाजी कर अन्यत्र पंचायत में स्थानांतरित करने की मांग किया। आवेदन में उप विकास आयुक्त गढ़वा के नाम से दिया। सभी ग्रामीणों ने बताया कि बिरसा सिंचाई कूप एवं डोभा के लिए विशाल कुमार के पास मापी पुस्तिका ले जाने के बाद मापी पुस्तिका में दर्ज इस्टीमेट का पैसा की मांग किया जाता है एवं डोभा में भी 10 परसेंट आम बागवानी में 10 परसेंट तथा अन्य किसी कार्य के लिए 10% की मांग करते हैं 10 परसेंट पैसा नहीं देने के बाद लाभुक का मास्टर रोल जीरो कर दिया जाता है तथा डोभा के लिए भी पैसे की मांग की जाती है। सभी ने आरोप लगाते हुए बताया कि जो पैसा देगा उसी को सही से जो पैसा नहीं देगा काम स्टेटमेंट बनाते हैं कभी पंचायत भवन में नहीं आते हैं कई दिन से मुलाकात करना है तो दलाल के माध्यम से मुलाकात होता है विकास कुमार के पास कभी फोन लगाते है तो बोलते हैं कि हमको कुछ बोला तो थाना में केस कर देंगे सरकारी कागजात फाड़ने के आरोप में
। सभी बरसा सिंचाई के लाभ एवं डोभा लाभुकों को विशाल कुमार जी को ग्राम पंचायत खाल से अन्यत्र पंचायत में लाभुक बढ़ाया होकर आवेदन सौंप रहा है सभी ग्रामीणों ने यह भी बताया कि विशाल जेई को हटाकर दूसरे दूसरे पंचायत में स्थानांतरण कर दिया जाए ग्रामीणों ने शिकायत करते हुए अभी बताया कि विशाल के द्वारा बोला जाता है कि जहां जाना है वहां जाओ। सभी ने बताया कि इसके पूर्व में भी आवेदन दिए थे लेकिन अब तक उनका स्थानांतरण नहीं किया गया है। सभी ग्रामीणों ने प्रखंड कार्यालय पहुंचकर प्रखंड कर्मी को आवेदन दिया ।आवेदन देने वालों में रामप्रवेश राम,
राम भरोसा राम, मंजर अंसारी, आलमगीर अंसारी, मजबूदीन अंसारी, ललन राम,अफजल अंसारी, साबिर अंसारी, इस्लाम अंसारी, मनऊवर अंसारी
क्या कहते हैं बीडीओ सह सीओ जुल्फिकार अंसारी
इस समय में पूछे जाने पर प्रखंड विकास पदाधिकारी सह अंचल अधिकारी जुल्फिकार अंसारी ने बताया कि ग्रामीणों द्वारा आवेदन प्राप्त होने पर जांचों प्रांत कार्रवाई की जाएगी
क्या कहते हैं जेई विशाल कुमार
इस संबंध में पूछे जाने पर कनीय अभियंता विशाल कुमार ने बताया कि मेरे ऊपर लगाये गए आरोप बेबुनियाद एवं निराधार है, आरोप लगाने वाले एक बार जरूर सोचें योजना का किए गए कार्य धरातल पर होनी चाहिए।
