किताबों का कोई विकल्प नहीं, आने वाले समय में इनकी वैल्यू और बढ़ेगी : डीईओ सौरभ प्रकाश
किताबों का कोई विकल्प नहीं, आने वाले समय में इनकी वैल्यू और बढ़ेगी : डीईओ सौरभ प्रकाश
चार दिवसीय पलामू पुस्तक मेले का हुआ भव्य शुभारंभ
# “पलामू ऑथर्स कॉर्नर” बनाने की घोषणा, स्थानीय लेखकों को मिलेगा मंच
# देश के प्रमुख प्रकाशनों की हजारों पुस्तकें बनी आकर्षण का केंद्र
मेदिनीनगर (पलामू), 22 मई। स्थानीय जिला हाई स्कूल परिसर शुक्रवार को ज्ञान, साहित्य और संस्कृति के रंगों से सराबोर नजर आया, जब चार दिवसीय पलामू पुस्तक मेले का भव्य शुभारंभ हुआ। शुभारंभ अवसर पर विद्यार्थियों, शिक्षकों, साहित्य प्रेमियों, अभिभावकों एवं पुस्तक पाठकों की भारी भीड़ उमड़ी। आकर्षक ढंग से सजे पुस्तक स्टॉल, रंग-बिरंगी पुस्तकों की श्रृंखला और साहित्यिक वातावरण ने पूरे परिसर को उत्सव में बदल दिया।
समय इंडिया ट्रस्ट, नई दिल्ली, पुस्तक मेला समिति (रजि.) एवं प्रज्ञा रिसर्च एसोसिएशन (प्राण), रांची के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित पुस्तक मेले के शुभारंभ अवसर पर पलामू के जिला शिक्षा पदाधिकारी सौरभ प्रकाश ने कहा कि इंटरनेट और सोशल मीडिया का प्रभाव चाहे जितना बढ़ जाए, लेकिन आने वाले समय में किताबों की महत्ता और अधिक बढ़ेगी। किताबों का कोई विकल्प नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि दुनिया के कई देश अब “बैक टू बुक्स” की ओर लौट रहे हैं, जबकि भारत ने हमेशा से ज्ञान, संस्कृति और पुस्तकों की परंपरा को जीवित रखा है।
उन्होंने कहा कि मानवीय मूल्यों को बरकरार रखने और व्यक्तित्व के विकास के लिए किताब पढ़ना बेहद जरूरी है। विचारों का निर्माण पुस्तकों से होता है और पुस्तक मेला समाज को बौद्धिक रूप से समृद्ध करने वाला एक महत्वपूर्ण आयोजन है। उन्होंने विश्वास जताया कि भविष्य में भी इस प्रकार के पुस्तक मेलों का आयोजन नियमित रूप से किया जाएगा।
जिला लाइब्रेरी में पलामू ऑथर्स कॉर्नर
डीईओ सौरभ प्रकाश ने स्थानीय लेखकों और रचनाकारों को प्रोत्साहित करने की दिशा में बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि जिला पुस्तकालय में “पलामू ऑथर्स कॉर्नर” बनाया जाएगा, ताकि स्थानीय प्रतिभाओं को पहचान और मंच मिल सके। उन्होंने “लोकल फॉर वोकल” की भावना को मजबूत करने पर बल देते हुए कहा कि जिले के लेखकों की रचनाओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाना समय की आवश्यकता है।
जो किताबों के आगे के आगे झुकता है उसे दुनिया के सामने झुकने की जरूरत नहीं
इस अवसर पर स्वागत भाषण देते हुए साहित्यकार एवं समय इंडिया ट्रस्ट के प्रबंध न्यासी चंद्र भूषण ने कहा कि “जो किताबों के आगे झुकता है, उसे दुनिया के आगे झुकने की जरूरत नहीं पड़ती।” उन्होंने कहा कि पुस्तकें केवल ज्ञान नहीं देतीं, बल्कि जीवन को दिशा, सोच को विस्तार और समाज को नई चेतना भी प्रदान करती हैं।
देश के प्रमुख प्रकाशनों की हजारों पुस्तकें बनी आकर्षण का केंद्र
पुस्तक मेले में समय प्रकाशन, यश प्रकाशन, दीपा प्रकाशन, अनु प्रकाशन, राजकमल प्रकाशन, वाणी प्रकाशन, प्रभात प्रकाशन, राधाकृष्ण प्रकाशन, डायमंड बुक्स, संवाद प्रकाशन, पेंगुइन प्रकाशन, हिन्द युग्म, गीता प्रेस, गोवो बुक्स, उपकार प्रकाशन एवं मनोज पब्लिकेशंस सहित देश के प्रतिष्ठित प्रकाशनों की हजारों पुस्तकें एक ही स्थान पर उपलब्ध हैं। साहित्य, समसामयिक विषय, प्रतियोगी परीक्षाओं, धार्मिक ग्रंथों, बच्चों की पुस्तकों और प्रेरणादायक साहित्य की विस्तृत श्रृंखला हर आयु वर्ग के पाठकों को आकर्षित कर रही है।
बच्चों के लिए मेले में रचनात्मक कार्यक्रम
मेले में बच्चों और युवाओं के लिए चित्रकला, कविता पाठ, कहानी सुनाओ, गायन एवं नृत्य प्रतियोगिताओं का भी आयोजन शनिवार को शाम 4.30 बजे किया जा रहा है। प्रतियोगिताओं और सांस्कृतिक गतिविधियों के कारण मेले का माहौल और अधिक जीवंत एवं आकर्षक बन गया है।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। मौके पर जिला हाई स्कूल के प्रभारी प्राचार्य करुणा शंकर तिवारी, कार्यालय सहयोगी प्रीतम कुमार एवं अरुण गिरी उपस्थित थे। धन्यवाद ज्ञापन स्थानीय संयोजक एवं सामाजिक कार्यकर्ता युवा समाजसेवी संजय वर्मन ने किया। पुस्तक मेला आम पाठकों के लिए प्रतिदिन प्रातः 11 बजे से रात्रि 9 बजे तक खुला रहेगा। मेला 25 मई तक जारी है।

