खेरवाड़ साँवता एभेन बैसी ने संताल आदिवासियों के गुरु शिष्य का महापर्व दासाँय को लेकर किया बैठक

दुमका:= प्रखंड के मकरो गाँव में खेरवाड़ साँवता एभेन बैसी और ग्रामीणों ने संताल आदिवासियों के गुरु शिष्य का महापर्व दासाँय को लेकर बैठक किया । हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी बहुत धूमधाम से दासाँय पर्व 30-09-2025 को मनाने का निर्णय लिया गया। इस अवसर पर विभिन्न सुदुरवर्ती गाँवों से दासाँय नृत्य कला दलों को आमंत्रित किया गया है। सभी कला दलों को बैसी की ओर से पुरुस्कृत और सम्मानित किया जाएगा। दासाँय पर्व सदियों से चले आ रहे आदिवासी संस्कृति का पहचान है। दासाँय पर्व में गुरु बोंगाओ(गुरु देवताओ) को पूजा जाता है। दासाँय पर्व के माध्यम गुरू अपने शिष्यों को बिमारियों का ईलाज,जड़ी-बुटी,धर्म,तंत्र-मन्त्र आदि सिखाया जाता है। मंत्र विद्या सीखने के उपरांत गुरु शिष्य मिलकर अगल-बगल के गांवो में घूम घूम कर भिक्षाटन करते हैं और दासाँय नृत्य कर इष्ट देवी देवता ठकुर और ठकरन का गुणगान करते और घर और गांव में सुख-शांति का कामना करते है। यह पर्व संताल समुदाय को गुरु शिष्य परंपरा को बनाये रखने का सीख देता हैं।इस अवसर पर मनोहर मरांडी,प्रेम, मरांडी गोविन्द मुरमू सहित दर्जनों के संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।