केड पंचायत में कारिमाटी नदी किनारे अवैध ईंट भट्टों का संचालन, बाल श्रम और पर्यावरण क्षति का आरोप

बरवाडीह प्रखंड क्षेत्र की केड पंचायत अंतर्गत कारिमाटी नदी के किनारे बड़े पैमाने पर अवैध बंगला ईंट भट्टों का संचालन किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। इन ईंट भट्टों में नियम-कानूनों को पूरी तरह ताक पर रखकर न केवल ईंटों का निर्माण किया जा रहा है, बल्कि भारी मात्रा में कोयले का अवैध भंडारण भी किया गया है।स्थानीय सूत्रों के अनुसार, इन अवैध ईंट भट्टों में नाबालिग बच्चों से मजदूरी कराई जा रही है। बच्चों से कठिन और जोखिमभरा श्रम कराए जाने की सूचना से क्षेत्र में चिंता और आक्रोश का माहौल है। यह सीधे तौर पर बाल श्रम निषेध एवं विनियमन अधिनियम का उल्लंघन है, जो गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।ग्रामीणों का कहना है कि नदी किनारे ईंट भट्टों के संचालन से पर्यावरण को भी भारी नुकसान पहुंच रहा है। कारिमाटी नदी क्षेत्र में इस तरह की औद्योगिक गतिविधियों की अनुमति नहीं है, इसके बावजूद खुलेआम भट्टों का संचालन किया जा रहा है। इससे नदी के अस्तित्व, जल स्रोत और आसपास की कृषि भूमि पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस अवैध कारोबार की जानकारी प्रशासन को पहले से है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे भट्टा संचालकों के हौसले बुलंद हैं।ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने, अवैध ईंट भट्टों को तत्काल बंद कराने, कोयले के अवैध भंडारण को जब्त करने तथा नाबालिग बच्चों को श्रम से मुक्त कर उनके पुनर्वास की मांग की है। साथ ही दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग भी की गई है।

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