कड़ाके की ठंड में न्याय की तलाश: पलामू के बर्खास्त अनुसेवक पैदल भिक्षाटन कर रांची रवाना
कड़कड़ाती ठंढ में मुख्यमंत्री से मिलने पैदल निकले पलामू के बर्खास्त अनुसेवक
जहां पलामू समेत पूरा राज्य एक तरफ कोहरा और शीतलहरी की चपेट में है वहीं दूसरी ओर पलामू के बर्खास्त 251 अनुसेवक पैदल मार्च करते हुए मेदिनीनगर से रांची तक पैदल भिक्षाटन करते हुए जा रहे हैं । अनुसेवकों ने मेदिनीनगर समाहरणालय परिसर से एकजुट होकर न्याय की भीख माँगते हुए निकले । सभी अनुसेवक एक वाहन पर अपने कंबल चादर और अन्य आवश्यकता की चीजें रखकर रांची जा रहे हैं । सभी अनुसेवक स्थानीय विधायक, सांसद और वित्त मंत्री से कई बार मिलकर अपनी व्यथा सुना चुके हैं लेकिन कहीं भी उनका दुखड़ा सुनने वाला कोई नहीं मिला और न कोई मदद को तैयार है ।
विदित हो कि विज्ञापन संख्या एक 2010 के द्वारा पलामू जिला में चतुर्थ वर्गीय पद के लिए पैनल निर्माण हेतु विज्ञापन निकाला गया था, सरिता कुमारी बनाम झारखंड सरकार वापस 2485/2016 झारखंड उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के आलोक में कोडरमा के तर्ज पर सन 2017 में लिखित परीक्षा लेकर अंक के आधार पर आरक्षण रोस्टर का पालन करते हुए 2018,2020,2024 में जिले के विभिन्न कार्यालय में अनुसेवक के पद पर नियुक्त किया गया था । माननीय सर्वोच्च न्यायालय में सिविल संख्या 13950/13951-2024 के न्यायाधीश के आलोक में विज्ञापन को त्रुटि पूर्ण कहते हुए निर्देश निरस्त कर दिया गया ।तत्कालीन उपायुक्त पलामू द्वारा ज्ञापन संख्या 96 दिनांक 1.3.2025 के द्वारा सभी 251 अनुसेवकों को बिना सूचना बिना स्पष्टीकरण पूछे ही बर्खास्त कर दिया गया, जबकि इसी नियमावली पर झारखंड के सभी अन्य जिलों में अभी भी लोग कार्यरत हैं । 7 8 वर्षों तक कार्य करने के बाद पलामू उपायुक्त द्वारा किया गया बर्खास्तगी का कार्रवाई अमानवीय है । माननीय मुख्यमंत्री, वित्त मंत्री, मुख्य सचिव, एवं कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग को कई बार अपना मांग पत्र समायोजन करने हेतु सौंपा तथा कई बार धरना प्रदर्शन के माध्यम से समायोजन हेतु मांग पत्र सौंपा । माननीय मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री द्वारा सिर्फ समायोजन हेतु आश्वासन मिला परंतु समायोजन हेतु किसी प्रकार का लिखित पहल नहीं किया गया और न ही समायोजन किया गया। विदित हो कि बर्खास्त अनुसेवक सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति से गुजर रहे हैं पैसे के अभाव में एवं बैंक लोन के दबाव के कारण दो अनुसेवक का हार्ट अटैक से मृत्यु हो गया एवं कई साथी अभी भी आर्थिक कुव्यवस्था में दबे हुए हैं साथ ही बर्खास्त अनुसेवक भीख मांगने की स्थिति में आ चुके हैं । इसी मांग को लेकर सभी बर्खास्त अनुसेवक पदयात्रा एवं भिक्षाटन के माध्यम से अपनी मांग पत्र को सौंपने हेतु माननीय मुख्यमंत्री झारखंड सरकार के आवास कार्यालय रांची जा रहे हैं। इस कार्यक्रम में सुधाकर दुबे संजीव पांडे कृष्णा पासवान सुरेंद्र सिंह विकास तिवारी नरेश भारती विवेक शुक्ला राकेश गुप्ता सरिता देवी गीता देवी एवं सरस्वती देवी सहित सभी अनुसेवक शामिल हुए ।

