जीवन के हर रंग में डूबने का नाम है होली – अविनाश देव

जीवन के हर रंग में डूबने का नाम है होली – अविनाश देव

मेदिनीनगर – शिवशिष्य परिवार पाटन प्रखंड द्वारा ग्राम करर कला में होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया। बतौर मुख्य अतिथि होली मिलन समारोह में शामिल हुए। प्रखंड भर से आए गुरु भाई बहनों को होली कि ढेर सारी शुभकामनाएं दिए। सबों को अबीर गुलाल लगा कर द्वेष द्वंदता को भूलते हुए आपसी प्रेम का पाठ पढ़ाए। अपने संबोधन में हमने कहा हर त्यौहार कुछ संदेश लेकर आता है और होली का भी अपना संदेश है। हालिया दिनों में लोग होली बदलने का भाव लेकर नहीं बदला लेने के भाव से खेल रहे है। होली को कुछ अराजकतावादी लोग होलड़ बना कर रख दिया,मौका मिलते नियत बदनीयत में बदल जाता है। प्रहलाद से प्रेरणा लें कि होली आत्मविश्वास इष्टदेव पर भरोसा सच कहने की हिम्मत और सन्मार्ग के लिए जरूरत पर अपनो से जुदा का नाम है। वर्णेय गुरु भ्राता हरिंद्रानंद जी ने जो तीन सूत्र दिए वह बहुत ही सहज और सरल है। इंसान सिर्फ सामूहिक रूप से आपस में चर्चा करने लगे और हर जीवों पर दया करे यह समाज यह दुनिया निश्चित ही बदल कर रहेगा। भगवान शिव अपनी पत्नी से भी स्वस्थ होली खेले। होली अपने परिवार के बीच खेलना चाहिए जब परिवार एक रंग एक विचार एक व्यवहार में रंगा रहेगा तब हम कामयाबी के शिखर चूमेंगे। बेटियों के हिफाजत,समाज में अमन अंधविश्वास नशापान से मुक्ति शिवचर्चा के मकसद होना चाहिए। हम सबों को आपसी सहयोगात्मक भाव रखते हुए आगे बढ़ना चाहिए। पुनः आप सभी भाई बहनों को होली कि हार्दिक शुभकामनाएं। आज के होली मिलन समारोह में जिनकी महती भूमिका रही वे हैं आदरणीय गोकुला नंद भैया जी,अमोद भैयाजी,कामेश सोनी,राधेश्याम सोनी,बीरेंद्र गुरु भाई,अंगद गुरुभाई, देवंती गुरुबहन,प्रतिमा गुरुबहन,रविन्द्र पांडेय जी,सुषमा गुरुबहन,बरतू गुरु भाई,सबों को शुक्रिया

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