इफको का नैनो डीएपी बना किसानों का हमसफर — फसलों में बढ़वार, पैदावार और लाभ में इजाफा : डॉ. शशि भूषण समदर्शी
इफको का नैनो डीएपी बना किसानों का हमसफर — फसलों में बढ़वार, पैदावार और लाभ में इजाफा : डॉ. शशि भूषण समदर्शी
भरनो (गुमला) — भरनो स्थित आईएफएफडीसी बिक्री केंद्र में शनिवार को किसान सभा का आयोजन किया गया, जहां इफको के राज्य विपणन प्रबंधक डॉ. शशि भूषण समदर्शी ने किसानों को नैनो डीएपी के उपयोग और उसके लाभ के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इफको तरल नैनो डीएपी फसलों की बेहतर बढ़वार और अधिक पैदावार में अत्यंत सहायक सिद्ध हो रहा है।
डॉ. समदर्शी ने बताया कि वर्तमान समय में किसान आलू और सब्जी मटर की बुआई कर रहे हैं। ऐसे में आलू के कंद और मटर के बीज को नैनो डीएपी से शोधित कर बुआई करने से अंकुरण बेहतर होता है, जड़ें मजबूत बनती हैं और पौधों की शुरुआती वृद्धि तेज होती है। इससे मिट्टी में मौजूद पोषक तत्वों का अधिकतम अवशोषण संभव हो पाता है, जिससे फसल की बढ़वार और विकास प्रारंभ से ही अच्छा होता है।
उन्होंने किसानों को सलाह दी कि प्रत्येक किलो बीज या कंद को 5 मिली नैनो डीएपी से शोधित कर आधा घंटा छाया में सुखाने के बाद बुआई करें। इससे नैनो डीएपी के सूक्ष्म कण बीज के बाहरी आवरण से जुड़ जाते हैं और अंकुरण के दौरान जड़ों तक पोषक तत्वों की आपूर्ति करते हैं। यह प्रक्रिया जड़ों को तेजी से विकसित करती है और मिट्टी में दिए गए दानेदार डीएपी तथा पोटाश के अवशोषण में भी सहायता करती है।
डॉ. समदर्शी ने कहा कि इस विधि से तैयार पौधे प्रारंभिक अवस्था से ही मजबूत और स्वस्थ होते हैं, जिससे फसल की हर अवस्था संतुलित ढंग से विकसित होती है और उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि होती है।
कार्यक्रम में चंदन कुमार ने किसानों से आग्रह किया कि वे अपने खेतों में नैनो उर्वरकों का प्रयोग बेझिझक करें और आधुनिक तकनीक को अपनाकर उत्पादन एवं लाभ दोनों में बढ़ोतरी करें।
इस अवसर पर उर्वरक विक्रेता विष्णु केशरी के अलावा लमकाना, दुम्बो, भरनो, कैरो, गढ़ाटोली, कुसुम्बाहा, सिंगारसराई और बांसटोली के मटर एवं आलू उत्पादक किसान बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

