गुमला-लोहरदगा रूट बस परिचालन विवाद : दूसरे दिन भी बसें बंद

गुमला-लोहरदगा रूट बस परिचालन विवाद : दूसरे दिन भी बसें बंद
दुंडुरिया स्थित पुराने बस डिपो से संचालन के आदेश के विरोध में हड़ताल तेज, यात्रियों की बढ़ी परेशानी

गुमला। जिला प्रशासन द्वारा गुमला-लोहरदगा रूट की सभी बसों का परिचालन शहर के मुख्य बस स्टैंड के बजाय दुंडुरिया स्थित पुराने बस डिपो से कराए जाने के आदेश के विरोध में बस ओनर एसोसिएशन की अनिश्चितकालीन हड़ताल शनिवार को दूसरे दिन भी जारी रही। हड़ताल के कारण गुमला बस स्टैंड से एक भी बस नहीं चली, जिससे आम यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा।

इस दौरान एसोसिएशन के राज्य स्तरीय पदाधिकारी भी गुमला पहुँचे और जिला इकाई के आंदोलन का समर्थन करते हुए चेतावनी दी की यदि जिला प्रशासन आदेश वापस नहीं लेता या समाधान नहीं निकलता है, तो राज्य स्तर पर व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा।

पुराना बस डिपो शहर से दूर, यात्रियों को हो रही है दिक्कत

प्रेस वार्ता में संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि दुंडुरिया स्थित पुराना बस डिपो शहर से काफी दूर है। जिससे यात्रियों को वहाँ तक पहुँचने में अतिरिक्त समय, किराया और परेशानी उठानी पड़ रही है,

वहीं बसों को भी पर्याप्त सवारी नहीं मिल पा रही है।

उन्होंने कहा कि पहले शहर के बस स्टैंड पर स्वाभाविक रूप से यात्रियों की उपलब्धता रहती थी, जबकि अब बसें लगभग खाली चलने की स्थिति में हैं, जिससे परिचालन आर्थिक रूप से भी अलाभकारी हो रहा है।

बसों को जाम की वजह बताना गलत
संगठन के अनुसार शहर में जाम का मुख्य कारण बस नहीं, बल्कि छोटे वाहनों की संख्या है। उन्होंने तर्क दिया की एक बस जितने यात्रियों को ले जाती है, उसे ले जाने के लिए पाँच-छह ऑटो सड़क पर उतरेंगे। इससे बस नहीं, बल्कि ऑटो-रिक्शा जाम बढ़ाते हैं।”

उन्होंने यह भी कहा कि दो दिनों से बसें बंद हैं, फिर भी शहर की मुख्य सड़कों पर स्थिति जस की तस है, इसलिए जाम का हवाला देकर बसों को शहर से बाहर करना अव्यावहारिक निर्णय है।

आमजन बेहाल, प्रशासन खामोश

बस परिचालन ठप होने से

मरीजों,

छात्र-छात्राओं,

नौकरीपेशा एवं ग्रामीण यात्रियों को
सबसे अधिक परेशानियां हो रही हैं।

उधर, जिला प्रशासन की ओर से अब तक वार्ता या समाधान के लिए कोई पहल नहीं की गई है, जिससे असंतोष बढ़ रहा है।

संगठन की मुख्य मांग

दुंडुरिया स्थित पुराने बस डिपो से बस संचालन का आदेश तत्काल वापस लिया जाए,गुमला बस स्टैंड से पूर्ववत परिचालन बहाल हो।, ट्रैफिक प्रबंधन पर व्यावहारिक और सर्वसमावेशी नीति बनाई जाए।

हड़ताल जारी रहने की स्थिति में आने वाले दिनों में जन-जीवन और अधिक प्रभावित हो सकता है। अब निगाहें प्रशासन की आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं।